Railway News: हाई स्पीड ट्रेन ने वंदे भारत ट्रेन को किया फेल, मात्र 1 घंटे कुछ मिनट में धनबाद से पहुंची गया, रेलवे की दुनिया में रचा इतिहास

Railway News: वंदे भारत ट्रेन और राजधानी एक्सप्रेस को पीछे छोड़ते हुए सेमी हाई स्पीड ट्रेन ने नया इतिहास रच दिया है। धनबाद से गया तक की दूरी ट्रेन ने मात्र इतने समय में पूरा कर लिया है। पढ़िए आगे....

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रेलवे ने रचा इतिहास - फोटो : social media

Railway News: पूर्व मध्य रेल ने नया इतिहास रचा है। सेमी हाई स्पीड ट्रेन ने वंदे भारत सुपरफास्ट का रिकॉर्ड तोड़ते हुए ऐतिहास बना दिया है। दरअसल, पूर्व मध्य रेलवे के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली सेमी हाई स्पीड ट्रेन ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू) से धनबाद तक की लगभग 400 किलोमीटर की दूरी महज 3 घंटे 55 मिनट में तय कर रेलवे के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज कर दी।

सेमी हाई स्पीड ने वंदे भारत को छोड़ा पीछे

इस रूट पर अब तक सबसे तेज सफर करने वाली राजधानी एक्सप्रेस को जहां धनबाद से गया तक पहुंचने में 2 घंटे 32 मिनट लगते हैं, वहीं वंदे भारत एक्सप्रेस को 2 घंटे 45 मिनट का समय लगता है। लेकिन सेमी हाई स्पीड ट्रेन ने इसी रूट को महज 1 घंटे 57 मिनट में पार कर दिया। वापसी में यह ट्रेन 1 घंटे 48 मिनट में ही गया वापस पहुंच गई।

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स्पीड ट्रायल हुआ सफल

इस सफल स्पीड ट्रायल के साथ ही पूर्व मध्य रेल की झोली में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है जो भविष्य में यात्रियों को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का अनुभव दिलाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। रेलवे महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह के नेतृत्व में ट्रायल रन में निरीक्षण यान, ब्रेक यान और थर्ड एसी कोच को जोड़ा गया था। ट्रायल के दौरान अलग-अलग निरीक्षण यानों से पूरी यात्रा की निगरानी की गई।

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समयबद्धता का परिचय

डीडीयू से प्रस्थान: सुबह 10:46

गया आगमन: दोपहर 12:33

गया से प्रस्थान: दोपहर 12:44

धनबाद आगमन: दोपहर 2:41

धनबाद से प्रस्थान: दोपहर 3:43

गया वापसी: शाम 5:31

गया से प्रस्थान: शाम 5:44

निरीक्षण के दौरान तकनीकी जांच

बता दें कि, धनबाद पहुंचने के बाद रेल महाप्रबंधक एक घंटे दो मिनट तक रुके। इस दौरान कैरेज एंड वैगन विभाग के कर्मियों ने निरीक्षण यान की बारीकी से जांच की। हौस पाइप में हल्की खामी मिलने पर त्वरित मरम्मत की गई। इसके बाद ट्रेन दोपहर 3:39 पर रवाना हुई लेकिन तकनीकी कारणों से कुछ देर बाद रुक गई और 3:43 पर दोबारा रवाना हुई।

क्या बोले अधिकारी?

डीडीयू के डीआरएम राजेश गुप्ता और धनबाद डीआरएम कमल किशोर सिन्हा दोनों स्पीड ट्रायल के दौरान यात्रा में शामिल रहे। अधिकारियों ने इस ट्रायल को "एतिहासिक और तकनीकी रूप से सफल" बताया। स्पीड ट्रायल की सफलता के बाद माना जा रहा है कि इस रूट पर जल्द ही सेमी हाई स्पीड ट्रेन के संचालन का रास्ता साफ हो जाएगा। यात्रियों को राजधानी और वंदे भारत से भी तेज सेवा मिलने की संभावना बढ़ गई है।