Bihar News : बिहार में शिक्षा विभाग का अनोखा कारनामा, शिक्षिका को 17.49 लाख का किया गया एरियर भुगतान, मचा हड़कंप
Bihar News : गोपालगंज में शिक्षिका खुशबू कुमारी के बैंक खाते में 17 लाख 49 हजार 507 रुपये से अधिक का भारी-भरकम एरियर भुगतान किए जाने पर शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
GOPALGANJ : बिहार के शिक्षा मंत्री के गृह जिले गोपालगंज में एक शिक्षिका को 17 लाख 49 हजार रुपये से अधिक एरियर भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। मामला मांझा प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, रूपनचक कुर्मी टोला से जुड़ा है, जहां शिक्षिका खुशबू कुमारी के बैंक खाते में एरियर की इतनी बड़ी रकम भेजे जाने पर शिक्षा विभाग ने सवाल उठाए हैं। विभाग ने पूरे मामले की जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति का गठन किया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडे ने स्पष्ट किया है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी और भुगतान की गई राशि की रिकवरी भी की जाएगी।
गोपालगंज में शिक्षिका की नियुक्ति और वेतन भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। मामला मांझा प्रखंड के रूपनचक कुर्मी टोला स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका खुशबू कुमारी से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, 26 मई को शिक्षिका के बैंक खाते में एरियर के रूप में 17 लाख 49 हजार 507 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इतनी बड़ी रकम के भुगतान को लेकर सवाल उठने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। विभाग की स्थापना शाखा ने 13 अक्टूबर को विद्यालय के तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार चौधरी को पत्र जारी कर जवाब मांगा था। विभागीय पत्र में शिक्षिका के योगदान को मंजूरी नहीं दिए जाने के बावजूद ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उनका फॉर्म भरने और हस्ताक्षर किए जाने को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
वहीं, शिक्षिका ने अपने पक्ष में हाईकोर्ट के 12 जनवरी 2026 के आदेश का हवाला दिया था। दूसरी तरफ, शिक्षा विभाग ने नियुक्ति से संबंधित मूल दस्तावेज जमा करने के लिए सात अक्टूबर तक का समय दिया था। विभाग के अनुसार, निर्धारित समय तक दस्तावेज जमा नहीं किए गए। इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि शिक्षिका के खाते में करीब 17 लाख 49 हजार रुपये भुगतान किए जाने की जानकारी मिलने के बाद जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति में डीपीओ स्थापना और संबंधित प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को शामिल कर जांच के निर्देश दिए गए हैं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी के मुताबिक, वर्ष 2024 में तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की ओर से वेतन विपत्र भुगतान के लिए एक पत्र भेजे जाने की बात भी सामने आई है। भुगतान की प्रक्रिया में इस पत्र की क्या भूमिका रही और किस आधार पर राशि जारी की गई, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। साथ ही, भुगतान की गई राशि की रिकवरी के लिए भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, शिक्षा विभाग की जांच में शिक्षिका की नियुक्ति, योगदान से जुड़े दस्तावेज और एरियर भुगतान की प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इतनी बड़ी राशि का भुगतान किस आधार पर किया गया और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी बनती है।
नमो नारायण की रिपोर्ट