Bihar Flood: नेपाल की बारिश से बिहार में नदियों का रौद्र रूप, गंडक-कोसी उफान पर, दियारा में दहशत

Bihar Flood: भारी बारिश के बाद गंडक और कोसी नदी के जलस्राव में एक बार फिर तेज उछाल आया है। दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे और दियारा इलाके में बसे लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।...

Bihar Flood Alert Gandak Kosi Rise After Heavy Nepal Rains
बिहार में नदियों का रौद्र रूप- फोटो : reporter

Bihar Flood:नेपाल में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने उत्तर बिहार की चिंता बढ़ा दी है। भारी बारिश के बाद गंडक और कोसी नदी के जलस्राव में एक बार फिर तेज उछाल आया है। दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे और दियारा इलाके में बसे लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए इंजीनियरों और अधिकारियों को चौकन्ना रहने का निर्देश दिया है।जानकारी के मुताबिक सोमवार दोपहर तक गंडक का बढ़ा हुआ पानी पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण और गोपालगंज के इलाकों से गुजर सकता है। हालात बिगड़ने की स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाली आबादी को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।

नेपाल के भोटेकोशी इलाके में फिर जलस्तर बढ़ने की सूचना है। देवघाट जल मापन केंद्र के इंचार्ज सुनील पोखरेल के अनुसार, इलाके में लगातार बारिश हो रही है। रविवार शाम पांच बजे देवघाट से करीब 2.01 लाख क्यूसेक पानी गुजर रहा था। यह पानी वाल्मीकिनगर पहुंचने के बाद गंडक के जलस्राव में और इजाफा होने की आशंका है।वाल्मीकिनगर गंडक बराज से शनिवार रात आठ बजे 99,800 क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया था, जो रविवार रात आठ बजे तक बढ़कर 1,72,400 क्यूसेक हो गया। यानी महज 24 घंटे में करीब 72,400 क्यूसेक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

उधर, कोसी नदी का जलस्राव भी लगातार बढ़ रहा है। वीरपुर बराज से शनिवार रात आठ बजे 1,66,535 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था, जो रविवार शाम छह बजे बढ़कर 1,80,785 क्यूसेक पहुंच गया। जल संसाधन विभाग ने संबंधित जिलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 781 तक पहुंचने और 2,502 लोगों के लापता होने की सूचना ने भी चिंता बढ़ा दी है। बढ़ते जलस्राव का सीधा असर सीमावर्ती बिहार के इलाकों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

बढ़ते पानी के बीच सुपौल में एक अलग ही खौफनाक नजारा देखने को मिला। सरायगढ़-भपटियाही कोसी महासेतु के पास सनपतहा गांव में पूर्वी कोसी सुरक्षा गाइड बांध के समीप करीब छह फीट लंबा मगरमच्छ नदी से निकलकर सूखी जमीन पर आ गया।मगरमच्छ को देखते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़कर वन विभाग को सौंप दिया। खबर फैलते ही उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने लोगों को मगरमच्छ से दूरी बनाए रखने की हिदायत दी।

पूर्वी चंपारण के डुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर लाल निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। वहीं खगड़िया के बलतारा में कोसी खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर, जबकि कुरसेला में 59 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी।

हालांकि गोपालगंज और सारण में फिलहाल गंडक खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन नेपाल से लगातार बढ़ रहे पानी ने प्रशासन की बेचैनी बढ़ा दी है। नदियों के बढ़ते रौद्र रूप के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती तटवर्ती और दियारा इलाकों में बसे लोगों को महफूज रखना है।