Anant Singh: वायरल वीडियो केस में अनंत सिंह के साथ गायक गुंजन को मिली बड़ी राहत, कोर्ट ने अश्लील नाच देखने के मामले में गिरफ्तारी पर लगाई रोक, CID के हाथों में पहुंची जांच

Anant Singh: सोशल मीडिया पर वायरल हुए हथियार प्रदर्शन और कथित अश्लील गानों के मामले में मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को फिलहाल अदालत से बड़ी राहत मिली है।...

Court Extends Relief to Anant Singh Bhojpuri singer Gunjan S
अश्लील नाच देखने के मामले में गायक गुंजन को मिली बड़ी राहत- फोटो : reporter

Anant Singh: बिहार की सियासत और अपराध जगत से जुड़े चर्चित चेहरों के नाम एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए हथियार प्रदर्शन और कथित अश्लील गानों के मामले में मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को फिलहाल अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई पर लगी रोक को अगली सुनवाई तक बरकरार रखा है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले पर सबकी निगाहें 5 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

पूरा मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव से जुड़ा है। 2 मई को आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में कुछ लोगों के हथियार लहराने और कथित रूप से अश्लील गानों के प्रदर्शन का दावा किया गया था। वीडियो वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर पुलिस महकमे तक हलचल मच गई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए मीरगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू हुई। जैसे-जैसे वीडियो चर्चा में आया, वैसे-वैसे इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया। क्योंकि वीडियो में कथित तौर पर मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह का नाम सामने आने लगा।

मामला अदालत पहुंचा तो दोनों पक्षों के बीच कानूनी दांव-पेच का दौर शुरू हो गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत से आधिकारिक जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। इसके बाद कोर्ट ने फिलहाल किसी भी कठोर कार्रवाई पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का फैसला सुनाया।अनंत सिंह के अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने बताया कि अदालत ने विधायक को पहले से मिली राहत को आगे बढ़ा दिया है। वहीं भोजपुरी गायक गुंजन सिंह की गिरफ्तारी पर भी अगली सुनवाई तक रोक लगा दी गई है। यानी फिलहाल दोनों को गिरफ्तारी के डर से राहत मिल गई है।

इस पूरे प्रकरण में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब जांच की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस से लेकर सीआईडी को सौंप दी गई। अब मामले की तहकीकात अपराध अनुसंधान विभाग (CID) करेगा। जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि वायरल वीडियो की वास्तविकता क्या है, उसमें दिख रहे हथियार वैध थे या अवैध, और कार्यक्रम के दौरान किन परिस्थितियों में यह घटनाक्रम हुआ।राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। एक ओर समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, तो दूसरी ओर विरोधी पक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। हालांकि अदालत ने अभी मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि सीआईडी जांच के बाद ही मामले की दिशा काफी हद तक स्पष्ट होगी। यदि जांच में वायरल वीडियो से जुड़े आरोपों की पुष्टि होती है तो आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। वहीं यदि आरोप साबित नहीं होते हैं तो संबंधित पक्ष को बड़ी राहत मिल सकती है।

फिलहाल इतना तय है कि हथियार प्रदर्शन और वायरल वीडियो के इस चर्चित मामले में कानूनी लड़ाई अभी लंबी चलने वाली है। 5 जून की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां इस हाई-प्रोफाइल केस में अगला बड़ा घटनाक्रम सामने आ सकता है।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा