Bihar Crime: 60 भूमि माफियाओं की लिस्ट तैयार,अब ED को भेजी गई सूची, अवैध संपत्तियों पर चलेगा बुलडोजर एक्शन

Bihar Crime:पुलिस प्रशासन ने भू-माफियाओं के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी है। लंबे समय से जिले में जमे जमीन माफियाओं पर अब कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

Crackdown on Land Mafia in Gopalganj
60 भूमि माफियाओं की लिस्ट तैयार- फोटो : reporter

Bihar Crime:पुलिस प्रशासन ने भू-माफियाओं के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी है। लंबे समय से जिले में जमे जमीन माफियाओं पर अब कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के निर्देश पर ऐसे अपराधियों की एक विशेष सूची तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेजा जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अवैध कमाई से खड़ी की गई संपत्तियों पर भी बड़ा प्रहार किया जाएगा। पुलिस अब उन सभी जमीन, मकान और कारोबार की जांच कर रही है, जिन्हें माफियाओं ने गैरकानूनी तरीके से अर्जित किया है। बताया जा रहा है कि एसपी के निर्देश पर संगठित अपराध से जुड़े लोगों की पहचान कर एक स्पेशल लिस्ट बनाई जा रही है। इसमें वे नाम शामिल हैं, जिनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, मारपीट और जमीन विवाद से जुड़े कई संगीन मामले पहले से दर्ज हैं।

नगर थाना में संगठित अपराध की धाराओं के तहत कई आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें योगेंद्र पंडित, मुकेश कुशवाहा, भूषण कुशवाहा, उदय नारायण कुशवाहा, राजपाल कुशवाहा और उमेश कुशवाहा जैसे नाम शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि ये सभी आरोपी संगठित तरीके से अपराध को अंजाम देकर इलाके में डर और दहशत का माहौल बना रहे थे। इतना ही नहीं, पुलिस ने करीब 60 बड़े भू-माफियाओं को भी चिन्हित किया है, जिनकी संपत्तियों की गहन जांच की जा रही है। गंग दयाल यादव, मुर्गा बाबा और डब्लू तिवारी जैसे चर्चित नाम भी इस रडार पर बताए जा रहे हैं।

जांच के बाद जिन संपत्तियों को अवैध कमाई से अर्जित पाया जाएगा, उन्हें PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत जब्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर ED को भेजा जाएगा। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि अब प्रशासन ‘आर-पार’ की कार्रवाई के मूड में है। गोपालगंज पुलिस के इस बड़े एक्शन से भू-माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है और आने वाले दिनों में कई बड़े नामों पर शिकंजा कस सकता है। फिलहाल पूरे जिले की नजर इस हाई-वोल्टेज कार्रवाई पर टिकी हुई है देखना होगा कि कानून का यह शिकंजा किन-किन तक पहुंचता है।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा