Bihar Flood: गंडक का कहर! गोपालगंज में टूटा तटबंध,सड़क पर हजारों लोग,उत्तर बिहार में गंडक का कहर

Bihar Flood: नेपाल में लगातार हुई भारी बारिश के बाद उत्तर बिहार की नदियां एक बार फिर कयामत का मंजर दिखाने लगी हैं।...

Gandak Fury in Bihar
गोपालगंज में टूटा तटबंध- फोटो : reporter

Bihar Flood: नेपाल में लगातार हुई भारी बारिश के बाद उत्तर बिहार की नदियां एक बार फिर कयामत का मंजर दिखाने लगी हैं। गंडक समेत कई नदियों में उफान से बाढ़ का संकट गहरा गया है। छह जिलों में हालात गंभीर बताए जा रहे हैं और करीब 1.59 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। वाल्मीकिनगर बराज से 28 सितंबर को गंडक नदी में 5.43 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का रौद्र रूप और विकराल हो गया। करीब 13 घंटे तक डिस्चार्ज पांच लाख क्यूसेक से ऊपर रहा।सबसे खौफनाक तस्वीर गोपालगंज से सामने आई है, जहां बैकुंठपुर प्रखंड के शीतलपुर में गंडक नदी का तटबंध टूट गया। तटबंध टूटते ही पानी का तेज बहाव निचले इलाकों की तरफ बढ़ने लगा। देखते ही देखते आसपास के गांवों में अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों को घर, परिवार और जरूरी सामान की सलामती की फिक्र सताने लगी है।

इन इलाकों पर मंडरा रहा पानी का खतरा

तटबंध टूटने के बाद फैजुलाहपुर, खोमहारीपुर, सलेमपुर, नरवार और बहरामपुर तक बाढ़ का पानी फैलने की आशंका जताई जा रही है। वहीं गंभारी के आधे हिस्से के अलावा बैकुंठपुर, चिउताहा और बनौरा गांवों पर भी पानी का खतरा मंडरा रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से एहतियात बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की जा रही है।

तटबंध टूटने की खबर मिलते ही जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने पानी के बहाव और फैलाव का जायजा लेते हुए हालात को काबू करने की कवायद शुरू कर दी है। तटबंध की मरम्मत और पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

बगहा में टूटा जलस्तर का पुराना रिकॉर्ड

गंडक का कहर पश्चिम चंपारण में भी भयावह है। बगहा गेज स्थल पर नदी का जलस्तर 91.25 मीटर पहुंच गया, जो अब तक दर्ज किया गया सबसे अधिक जलस्तर बताया जा रहा है। वर्ष 2024 में यहां अधिकतम जलस्तर 90.90 मीटर दर्ज हुआ था। इस बार पानी 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। लगातार बढ़ते दबाव के बीच कई तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है।आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रदेश के 17 जिलों में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार पश्चिम चंपारण और सुपौल के 11 प्रखंडों की 23 ग्राम पंचायतों की करीब 82 हजार आबादी प्रभावित है। पश्चिम चंपारण के कई प्रखंडों के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस चुका है।

मुजफ्फरपुर में भी गहराया संकट

मुजफ्फरपुर में बागमती के बाद नारायणी गंडक भी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। कई इलाकों में घरों के भीतर तीन से चार फीट तक पानी पहुंचने की स्थिति बताई जा रही है। इसके बावजूद कुछ परिवार बच्चों के साथ घरों में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

उत्तर बिहार में गंडक का बढ़ता जलस्तर अब सिर्फ खेत-खलिहानों के लिए नहीं, बल्कि आबादी के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है। प्रशासन की चुनौती लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ तटबंधों को बचाने और पानी के फैलाव पर काबू पाने की है।
रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा