Bihar News: रक्षा जमीन पर चला प्रशासन का बुलडोजर,ऑपरेशन कब्जा खत्म, डिफेंस को सौंपी गई जमीन

Bihar News: सबेया परित्यक्त एयरफील्ड से जुड़ी रक्षा भूमि पर लंबे समय से चले आ रहे कृषि अतिक्रमण के खिलाफ आखिरकार प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कस दिया।

Gopalganj Clears 259 Acres of Defence Land From Encroachment
प्रशासन का बुलडोजर- फोटो : reporter

Bihar News: गोपालगंज के हथुआ स्थित सबेया परित्यक्त एयरफील्ड से जुड़ी रक्षा भूमि पर लंबे समय से चले आ रहे कृषि अतिक्रमण के खिलाफ आखिरकार प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कस दिया। बिहार सरकार के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और रक्षा प्राधिकार की संयुक्त टीम ने करीब 35 दिनों तक अभियान चलाकर 259.274936 एकड़ रक्षा भूमि को अतिक्रमणमुक्त करा लिया।कार्रवाई पूरी होने के बाद जमीन का भौतिक कब्जा विधिवत रक्षा प्राधिकार को सौंप दिया गया। इतना ही नहीं, भविष्य में दोबारा कब्जे की कोई गुंजाइश न रहे, इसके लिए जमीन की सीमाओं पर सीमा-स्तंभ भी स्थापित कर दिए गए हैं।

473 एकड़ से ज्यादा जमीन का हुआ सर्वे

जिला प्रशासन के मुताबिक सबेया एयरफील्ड की कुल रक्षा भूमि 473 एकड़ से अधिक है। अभियान शुरू करने से पहले जमीन का व्यापक सर्वेक्षण और सीमांकन कराया गया। इसके बाद जिन हिस्सों पर कृषि गतिविधियों के जरिए अतिक्रमण पाया गया, वहां कार्रवाई शुरू की गई।जिलाधिकारी समीर सौरभ के प्रशासनिक समन्वय में जिला प्रशासन और रक्षा प्राधिकार की संयुक्त टीम ने अभियान को अंजाम दिया। करीब 35 दिनों तक चली कार्रवाई के बाद 259 एकड़ से अधिक जमीन को कब्जामुक्त कराया गया।यानी जिस जमीन पर लंबे समय से खेती-किसानी के जरिए कब्जे का मामला बना हुआ था, वहां प्रशासन ने दस्तक दी और सरकारी संपदा को वापस रक्षा प्राधिकार के हवाले कर दिया।

सीमा-स्तंभ से जमीन की हद अब होगी साफ

अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन ने सिर्फ जमीन खाली कराकर मामला खत्म नहीं किया। जमीन की स्थायी पहचान और सीमा सुनिश्चित करने के लिए मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज यानी MES की ओर से सीमा-स्तंभ लगाए गए हैं।प्रशासन का मानना है कि इससे रक्षा भूमि की हद स्पष्ट रहेगी और भविष्य में दोबारा अतिक्रमण की कोशिशों पर निगरानी रखना आसान होगा।

अभी 19.5 एकड़ पर बाकी है कब्जे का पेंच

हालांकि प्रशासन की कार्रवाई अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। डीएम के मुताबिक करीब 19.5 एकड़ जमीन पर अभी भी अतिक्रमण मौजूद है। इनमें पक्के स्ट्रक्चर भी शामिल बताए गए हैं।प्रशासन ने इन अतिक्रमणों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है और शेष जमीन को भी नियमानुसार खाली कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

रक्षा संपदा पर अब प्रशासन की पैनी नजर

सबेया एयरफील्ड भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन है। ऐसे में रक्षा भूमि की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 259 एकड़ से अधिक जमीन को कब्जामुक्त कराने और उसका भौतिक कब्जा रक्षा प्राधिकार को सौंपने के बाद अब निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है।35 दिन की कार्रवाई ने कब्जे की कहानी पर बड़ा ब्रेक लगा दिया है, लेकिन 19.5 एकड़ जमीन अभी भी प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रही है। अब देखना होगा कि बाकी बचे पक्के निर्माणों पर बुलडोजर कब और किस तरह चलता है और सबेया एयरफील्ड की पूरी रक्षा भूमि कब पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त होती है।