ड्राइविंग लाइसेंस का बड़ा खेल: 448 अभ्यर्थियों को फर्जी ID से किया पास, ADTO भूमिका पर गंभीर सवाल! MVI की शिकायत से खुला राज
बिहार के गोपालगंज जिले में परिवहन विभाग के सारथी पोर्टल में बड़ी सेंधमारी हुई है। अपर जिला परिवहन अधिकारी (ADTO) की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बिना किसी परीक्षा के 448 आवेदनों को पास घोषित कर दिया गया। पूरे मामले में विभागीय कार्रवा
बिहार के गोपालगंज जिले में फर्जी तरीके से 'लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस' (LL) जारी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। परिवहन विभाग के सारथी पोर्टल में सेंधमारी कर महज़ चार दिनों के भीतर (19 अगस्त 2026 से 22 अगस्त 2026 के बीच) कुल 448 अभ्यर्थियों को बिना वैध प्रक्रिया के पास घोषित कर दिया गया। यह पूरा खेल एक अज्ञात/अनाधिकृत यूजर आईडी (User ID) का उपयोग करके रचा गया। मामला उजागर होते ही राज्य परिवहन आयुक्त कार्यालय ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया है।
MVI की शिकायत से खुला राज: 'रुचि प्रिया' नाम से बनी थी फर्जी टेस्टिंग आईडी
इस पूरे मामले का भंडाफोड़ गोपालगंज के मोटरयान निरीक्षक (MVI) आनंद कुमार की रिपोर्ट से हुआ। उन्होंने 24 अगस्त 2026 को पत्रांक-28 के माध्यम से विभाग को सूचित किया कि आवेदनों की जांच के दौरान 'रुचि प्रिया' नाम की यूजर आईडी से अभ्यर्थियों को पास किया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि गोपालगंज में 'रुचि प्रिया' नाम से कोई भी मोटरयान निरीक्षक पदस्थापित या प्रतिनियुक्त ही नहीं है। MVI आनंद कुमार ने इस फर्जी और अनधिकृत ID को तत्काल प्रभाव से बंद करने और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कानूनी/विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की।

अपर जिला परिवहन अधिकारी (ADTO) सुश्री रुचि प्रिया की भूमिका पर सवाल
विभागीय जांच में पाया गया कि 'रुचि प्रिया' गोपालगंज में अपर जिला परिवहन अधिकारी (ADTO) के पद पर तैनात हैं। नियमानुसार सारथी पोर्टल पर 'Testing Authority' (परीक्षा लेने वाला) और 'Approval Authority' (मंजूरी देने वाला) के कार्य पूरी तरह पृथक हैं। MVI ही परीक्षा लेने के लिए अधिकृत होते हैं, जबकि ADTO अप्रूवल अथॉरिटी होती हैं। लेकिन यहां ADTO ने अपने पदनाम/नाम से स्वयं 'Testing Authority' की आईडी सृजित कर ली और परीक्षा लेते हुए 448 अभ्यर्थियों को पास भी कर दिया, जो कि विभागीय कार्य विभाजन और ऑनलाइन प्रणाली के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
Master ID का गलत इस्तेमाल कर बनाई गई फर्जी ID
राज्य परिवहन आयुक्त ने जिला परिवहन अधिकारी (DTO) शशि शेखरम् की भूमिका को भी संदिग्ध माना है। DTO को भेजे गए पत्र (पत्रांक-05/स्था0-02-04/2024, दिनांक 25.08.2026) में स्पष्ट कहा गया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि DTO ने अपनी 'Master User ID' का प्रयोग करते हुए ही सुश्री रुचि प्रिया (ADTO) के नाम से 'Learner Licence Testing Authority' की फर्जी यूजर आईडी बनाई। विभागीय आदेशों की अवहेलना और मास्टर आईडी के दुरुपयोग को प्रथम दृष्टया अत्यंत गंभीर माना गया है।
24 घंटे का अल्टीमेटम: निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की लटकी तलवार
राज्य परिवहन आयुक्त, बिहार ने DTO शशि शेखरम् और ADTO सुश्री रुचि प्रिया दोनों को 25 अगस्त 2026 को अलग-अलग पत्र जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण (Show Cause Notice) समर्पित करने का सख्त निर्देश दिया है। विभाग ने पूछा है कि नियमों के विपरीत अनाधिकृत कार्य करने और शक्तियों के उल्लंघन के आरोप में DTO के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए तथा ADTO को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही क्यों न संचालित की जाए। इस पत्र की प्रतियां NIC के वैज्ञानिक-F और वरिष्ठ निदेशक (IT) को भी आवश्यक तकनीकी जांच हेतु भेज दी गई हैं।
धीरज पराशर की रिपोर्ट