गोपालगंज ठगी कांड:20 महीने में पैसा डबल का झांसा, फिर दफ्तर में ताला और मैनेजर रफूचक्कर!
गोपालगंज में एक कंपनी ने 20 महीने में पैसा दोगुना करने का लालच देकर सैकड़ों लोगों से करीब 80 करोड़ रुपये की ठगी की है.पहले भरोसा जीता, फिर ऑफिस बंद कर कंपनी फरार हो गई. पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
बिहार के गोपालगंज जिले में 'आस्था' नामक एक फर्जी कंपनी ने निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये का बड़ा घोटाला किया है। कंपनी पर करीब सैकड़ों लोगों से 80 करोड़ रुपये ठगने का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि कंपनी ने लोगों को मात्र 20 महीने में उनकी निवेश राशि को दोगुना करने का लालच दिया था। इस लुभावनी योजना के झांसे में आकर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी कंपनी में लगा दी। शुक्रवार को करीब 200 पीड़ितों ने एक साथ पुलिस मुख्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
भरोसा जीतने की सोची-समझी साजिश
ठगी के इस खेल की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी, जब कंपनी ने शहर के एक प्रतिष्ठित होटल में भव्य बैठक कर अपनी योजनाओं का प्रचार किया। लोगों का विश्वास जीतने के लिए कंपनी ने शुरुआत में कुछ निवेशकों को समय पर दोगुनी राशि लौटा दी। इस छोटी सफलता से प्रभावित होकर निवेशकों ने न केवल अपनी और राशि लगाई, बल्कि अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को भी निवेश के लिए प्रेरित किया। पीड़ितों के अनुसार, उन्होंने 10 लाख से लेकर 80 लाख रुपये तक की भारी भरकम राशि गोरखपुर स्थित विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की थी।
दफ्तर बंद और कर्मचारी हुए फरार
लगभग तीन वर्षों तक सुचारू रूप से काम करने का नाटक करने के बाद, एक सप्ताह पहले 'आस्था' कंपनी का कार्यालय अचानक बंद हो गया। कंपनी के मैनेजर और सभी कर्मचारी रातों-रात शहर से फरार हो गए। जब निवेशक अपने पैसों की जानकारी लेने कार्यालय पहुंचे, तो वहां ताला लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। ठगी का शिकार हुए लोगों का कहना है कि कंपनी के कर्मचारी इस पैसे को शेयर बाजार में निवेश कर मुनाफा कमाने का दावा करते थे, जो पूरी तरह झूठ निकला।
पुलिस की कार्रवाई और जांच तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस ने उन बैंक खातों और दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया है, जिनके माध्यम से पैसों का लेनदेन हुआ था। फरार कर्मचारियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि कंपनी के पूरे नेटवर्क का जल्द ही खुलासा कर लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।