गोपालगंज में गंडक का जलस्तर बढ़ा: 4 लाख क्यूसेक से अधिक पानी डिस्चार्ज, अलर्ट जारी, SDM डॉ. प्रेरणा सिंह किया निरीक्षण
नेपाल में भारी बारिश के कारण वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में 4.16 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गोपालगंज में बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। निचले इलाकों में माइकिंग कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।
नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे गोपालगंज जिले में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। वाल्मीकिनगर बराज से पहले ही 4.16 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है, और आने वाले समय में नदी में पानी का प्रवाह और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
वाल्मीकिनगर बराज से डिस्चार्ज और गोपालगंज में अलर्ट
सदर एसडीएम डॉ. प्रेरणा सिंह के अनुसार, नेपाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते वाल्मीकिनगर बराज से डिस्चार्ज बढ़कर 4 लाख क्यूसेक से अधिक हो गया है। यह पानी कल तक गोपालगंज क्षेत्र में प्रवेश कर जाएगा। इस स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन तटबंधों पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रख रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति पर तुरंत काबू पाया जा सके।

कैचमेंट एरिया में माइकिंग और सुरक्षित स्थानों पर निकासी
प्रशासन ने संभावित खतरे वाले निचले और कैचमेंट इलाकों में माइकिंग कराने का निर्देश सभी अंचल अधिकारियों को दिया है। स्थानीय निवासियों से अपील की जा रही है कि वे समय रहते निचले इलाकों को खाली कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। इसके साथ ही, लोगों को अपने मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की सलाह दी गई है ताकि जान-माल का नुकसान न हो।

मितानिया रेन कट की जांच और सारण तटबंध की स्थिति
सोशल मीडिया या स्थानीय स्तर पर कुचायकोट के मितानिया में रेन कट की खबर मिलने के बाद प्रशासनिक टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान तटबंध को किसी प्रकार के नुकसान या रेन कट की पुष्टि नहीं हुई। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि सारण तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और पूर्व में भी 5.5 से 6 लाख क्यूसेक पानी के दबाव को यह सफलता पूर्वक झेल चुका है।

धैर्य बनाए रखने की अपील और राहत-बचाव की तैयारी
एसडीएम डॉ. प्रेरणा सिंह ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं। जिला प्रशासन ने बाढ़ की किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान कैचमेंट एरिया के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने और तटबंधों को सुरक्षित रखने पर केंद्रित है।
गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट