Gopalganj Laborers Held Hostage MP: लखनऊ का झांसा देकर मध्य प्रदेश में बंधक बनाए गए बिहार के मजदूर,वीडियो जारी कर सरकार से लगाई बचाने की गुहार

गोपालगंज के 10 से ज्यादा मजदूरों को मध्य प्रदेश के रतलाम में बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। लखनऊ में काम दिलाने का झांसा देकर ले जाए गए मजदूरों ने वीडियो जारी कर बिहार सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है।

Gopalganj Laborers Hostage MP
मध्य प्रदेश के रतलाम में गोपालगंज के 10 से अधिक मजदूर बंधक, वीडियो जारी कर सरकार से लगाई गुहार - फोटो : news 4 nation

बिहार के गोपालगंज जिले के 10 से अधिक मजदूरों को मध्य प्रदेश के रतलाम में कथित तौर पर बंधक बनाए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित मजदूरों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है और सरकार व स्थानीय प्रशासन से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पीड़ित परिवारों में गहरा डर और चिंता का माहौल व्याप्त हो गया है।


लखनऊ में काम का झांसा देकर ले जाया गया रतलाम

जारी वीडियो में मजदूरों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा उन्हें उत्तर प्रदेश के लखनऊ में काम दिलाने का झांसा देकर घर से ले जाया गया था। लेकिन, लखनऊ ले जाने के बजाय उन्हें धोखा देकर मध्य प्रदेश के रतलाम पहुंचा दिया गया। वहां पहुंचने के बाद जब मजदूरों को सच्चाई का अहसास हुआ और उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें एक जगह कैद कर लिया गया।


वापस लौटने से रोकने और प्रताड़ना का आरोप

मजदूरों का कहना है कि उन्हें जबरन वहां बंधक बनाकर रखा गया है और अपने घर वापस जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। वीडियो में पीड़ित मजदूर बेहद डरे हुए नजर आ रहे हैं और वे अपने परिजनों के साथ-साथ जिला प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें जल्द से जल्द उस चंगुल से छुड़ाकर सुरक्षित बिहार लाया जाए।


परिजनों ने बिहार सरकार व जिला प्रशासन से की हस्तक्षेप की मांग

इधर, गोपालगंज में रह रहे मजदूरों के परिजनों को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, उनके बीच कोहराम मच गया। परिजनों ने बिहार सरकार, मुख्यमंत्री और गोपालगंज जिला प्रशासन से तुरंत मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मध्य प्रदेश पुलिस से संपर्क कर बंधक बनाए गए सभी मजदूरों को सकुशल और सुरक्षित वापस अपने गांव लाने की पहल की जाए।

गोपालगंज से नमो नरो नारायण मिश्र की रिपोर्ट