बालू माफिया से साठगांठ में खनन निरीक्षक गिरफ्तार, 12 घाटों की नीलामी रोकने का खुलासा, डीएम की कार्रवाई से मचा हड़कंप

गोपालगंज में अवैध बालू खनन मामले में डीएम ने बड़ी कार्रवाई की है। माफियाओं से मिलीभगत के आरोप में माइनिंग इंस्पेक्टर सौरभ अभिषेक को गिरफ्तार किया गया है।

बालू माफिया से साठगांठ में खनन निरीक्षक गिरफ्तार, 12 घाटों क

Gopalganj - गोपालगंज में अवैध बालू खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी स्ट्राइक की है। डीएम पवन कुमार सिन्हा के निर्देश पर भ्रष्ट खनन निरीक्षक सौरभ अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो जांच टीम को गुमराह कर माफियाओं को संरक्षण दे रहा था।

प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा था अवैध खनन का खेल

बिहार के गोपालगंज जिले में अवैध बालू खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिला पदाधिकारी (DM) पवन कुमार सिन्हा ने खनन टास्क फोर्स की बैठक के दौरान पाया कि जिले के 12 बालू घाटों में से एक की भी आधिकारिक नीलामी नहीं हुई थी। इसके बावजूद गंडक नदी से लगातार बालू का उठाव किया जा रहा था। इस गंभीर विसंगति ने प्रशासन के अंदरूनी तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए, जिसके बाद डीएम ने खुद मोर्चा संभाला।

जांच टीम को 4 किमी तक टहलाया, फिर खुली पोल

डीएम के आदेश पर जब जांच टीम बालू घाटों का निरीक्षण करने पहुंची, तो वहां तैनात खनन निरीक्षक सौरभ अभिषेक ने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की। डीएम ने बताया कि निरीक्षक ने टीम को करीब 4 किलोमीटर तक इधर-उधर घुमाया ताकि अवैध खनन के निशानों को छिपाया जा सके। हालांकि, जब टीम गंडक नदी के तट पर पहुंची, तो वहां ताजी खुदाई और बालू निकासी के स्पष्ट साक्ष्य मिले, जिससे निरीक्षक का झूठ बेनकाब हो गया।

नीलामी प्रक्रिया को बाधित करने का गंभीर आरोप

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि खनन निरीक्षक जानबूझकर वरिष्ठ अधिकारियों को भ्रामक जानकारी दे रहा था। उसके और बालू माफियाओं के बीच गहरे गठजोड़ की वजह से ही घाटों की नीलामी प्रक्रिया बाधित हो रही थी। नीलामी न होने का सीधा फायदा माफियाओं को मिल रहा था, जो बिना किसी सरकारी राजस्व के करोड़ों रुपये का बालू अवैध रूप से बाजार में बेच रहे थे। इससे सरकार को भारी वित्तीय क्षति पहुंच रही थी।

भ्रष्ट माइनिंग इंस्पेक्टर गिरफ्तार, FIR दर्ज

भ्रष्टाचार और माफियाओं के साथ संलिप्तता स्पष्ट होने के बाद, जिला खनन विकास पदाधिकारी के बयान पर माइनिंग इंस्पेक्टर सौरभ अभिषेक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी निरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। डीएम ने स्पष्ट किया कि सौरव अभिषेक की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश है और व्यवस्था के भीतर बैठे किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

SDM के नेतृत्व में सभी घाटों की होगी जांच

इस बड़े खुलासे के बाद डीएम पवन कुमार सिन्हा ने जिले के सभी बालू घाटों की गहन जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए एसडीएम (SDM) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। डीएम ने कड़े निर्देश दिए हैं कि जहां भी अवैध खनन या विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत पाई जाएगी, वहां 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद से जिले के बालू सिंडिकेट में हड़कंप मचा हुआ है।

Report - Namo Narayan mishra