JDU MLA: जदयू विधायक पप्पू पांडेय और भाई सतीश पाण्डेय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, केस की पूरी सुनवाई तक गिरफ्तारी पर लगी रोक, समर्थकों में जश्न का माहौल

JDU MLA:देश की शीर्ष अदालत ने सुनवाई पूरी होने तक जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडे और उनके बड़े भाई सतीश पांडेय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

Supreme Court Grants Relief to JDU MLA Pappu Pandey Arrest S
जदयू विधायक पप्पू पांडेय को सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी पर राहत- फोटो : reporter

JDU MLA:  गोपालगंज की सियासी और कानूनी गलियारों में उस वक्त बड़ा हलचल मच गया जब जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडे और उनके बड़े भाई सतीश पांडेय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। भू-माफियाओं को कथित संरक्षण देने और 16 एकड़ जमीन पर कब्जे के गंभीर आरोपों से जुड़े इस मामले में देश की शीर्ष अदालत ने सुनवाई पूरी होने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।सुप्रीम कोर्ट ने केस की पूरी सुनवाई तक गिरफ्तारी पर  रोक लगा दी है।

यह मामला कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा इलाके की करीब 16 एकड़ बेशकीमती जमीन से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि इस जमीन पर अवैध कब्जा किया गया और असली काश्तकार को डराने-धमकाने की कोशिश भी हुई। पीड़ित नीरज कुमार राय की शिकायत पर कुचायकोट थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें विधायक पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय, सीए राहुल तिवारी और कुख्यात भू-माफिया भोला पांडेय समेत कुल सात लोगों को नामजद किया गया था।

पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में तेजी दिखाते हुए इस मामले में पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था, जिनमें भोला पांडेय का नाम प्रमुख रूप से सामने आया। इसके बाद मामला और भी गंभीर होता गया और जांच की दिशा राजनीतिक रंग लेने लगी।

अब सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक मिलने के बाद समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है, वहीं राजनीतिक हलकों में इसे लेकर नई बहस छिड़ गई है। विपक्ष इस मामले को कानून-व्यवस्था और भू-माफिया गठजोड़ से जोड़कर सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है।

कुल मिलाकर यह मामला अब सिर्फ एक जमीन विवाद नहीं रहा, बल्कि बिहार की राजनीति, कानून व्यवस्था और सत्ता समीकरणों को प्रभावित करने वाला एक बड़ा सियासी मुद्दा बन चुका है, जिस पर आने वाले दिनों में और तेज़ बयानबाज़ी देखने को मिल सकती है।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा