Bihar Crime : गोपालगंज में कृष्णा सिंह हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, 20 करोड़ की सुपारी देकर कराई गई हत्या, पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार
Bihar Crime : गोपालगंज में 20 करोड़ की सुपारी देकर कृष्णा सिंह की हत्या कराई गयी थी. इस मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है........पढ़िए आगे
GOPALGANJ : जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में बीते 23 मार्च को हुई कृष्णा सिंह की निर्मम हत्या ने पूरे सूबे में सनसनी फैला दी थी। हथुआ-कुसौधी मुख्य मार्ग पर सरेराह अंजाम दी गई इस वारदात को पुलिस ने एक बड़ी चुनौती के रूप में लिया था। जिले के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हथुआ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के जरिए इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने में सफलता हासिल की है।
20 करोड़ की भारी-भरकम सुपारी और बड़ी साजिश
पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं हैं। खुलासे के मुताबिक, कृष्णा सिंह को रास्ते से हटाने के लिए अपराधियों के बीच करीब 20 करोड़ रुपये की भारी-भरकम सुपारी तय हुई थी। इस बड़ी रकम के खेल में कई सफेदपोश और पेशेवर अपराधियों के शामिल होने की बात कही जा रही है। साजिशकर्ताओं ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत शूटरों का इंतजाम किया और घटना को अंजाम देने से पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी की गई, ताकि बच निकलने का कोई रास्ता न छूटे।
मुख्य शूटर समेत पांच गिरफ्तार, हथियार बरामद
SIT ने सघन छापेमारी करते हुए इस कांड में शामिल पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्तों में वारदात का मुख्य शूटर मुकेश कुमार शर्मा शामिल है। इसके अलावा शमशाद अली, सुनील सिंह, जयप्रकाश राम और अजीत कुमार गुप्ता को भी पुलिस ने दबोच लिया है। इनके पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल, एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में साजिश के कई अन्य अहम सुराग हाथ लगे हैं।
तकनीकी साक्ष्यों ने खोली अपराधियों की पोल
इस मामले के उद्भेदन में तकनीकी सेल की भूमिका बेहद अहम रही। पुलिस ने जांच के दौरान एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की पहचान की, जिससे पूरी साजिश की कड़ियां जुड़ती चली गईं। कॉल डिटेल्स और लोकेशन के आधार पर पुलिस अपराधियों के नेटवर्क तक पहुंचने में कामयाब रही। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी इस पूरे आपराधिक सिंडिकेट का हिस्सा हैं, जो सुपारी लेकर हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं।
अभी बाकी हैं कई अहम कड़ियां, छापेमारी जारी
हालांकि पुलिस ने पांच लोगों को जेल भेज दिया है, लेकिन इस हाई-प्रोफाइल केस में अभी भी कई बड़े चेहरों और फरार अपराधियों की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक शुरुआत है; इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस 20 करोड़ की सुपारी के पीछे के असली 'मास्टरमाइंड' का चेहरा भी बेनकाब हो जाएगा।
नमो नारायण की रिपोर्ट