गोपालगंज में नल-जल योजना का औचक निरीक्षण, 14 प्रखंडों की पंचायतों में पहुंची जांच टीम

गोपालगंज जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय (नल-जल) योजना का व्यापक औचक निरीक्षण कराया गया। 230 अधिकारियों ने जिले के सभी 14 प्रखंडों की विभिन्न पंचायतों में पहुंचकर जलापूर्ति और संबंधित बुनियादी ढांचे का गहन निरीक्षण किया....

गोपालगंज में नल-जल योजना का औचक निरीक्षण, 14 प्रखंडों की पंच
नल-जल योजना का औचक निरीक्षण- फोटो : नमो नारायण मिश्रा

Gopalganj : बिहार सरकार और जिलाधिकारी समीर सौरभ के निर्देश पर गोपालगंज जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय (नल-जल) योजना का व्यापक औचक निरीक्षण कराया गया। इसके तहत जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के करीब 230 अधिकारियों की अलग-अलग टीमें बनाकर जिले भर की पंचायतों में भेजा गया, ताकि योजना की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच की जा सके।


14 प्रखंडों की पंचायतों में पहुंची जांच टीम 

अधिकारियों ने जिले के सभी 14 प्रखंडों की विभिन्न पंचायतों में पहुंचकर जलापूर्ति और संबंधित बुनियादी ढांचे का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पेयजल आपूर्ति की निरंतरता, पानी के दबाव, पाइपलाइन नेटवर्क और स्थानीय ग्रामीणों को मिल रही सुविधाओं का सीधा फीडबैक लिया।


पेयजल की नियमितता और संरचनाओं की पड़ताल 

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों का मुख्य ध्यान इस बात पर रहा कि योजनाएं धरातल पर सुचारू रूप से चल रही हैं या नहीं। टीम ने पंप हाउस, ओवरहेड टैंक और घरेलू कनेक्शनों की तकनीकी स्थिति को परखा और यह सुनिश्चित किया कि हर घर तक गुणवत्तापूर्ण पानी पहुंच रहा है।


ऑनलाइन दर्ज की गई जांच रिपोर्ट, कमियों पर होगा एक्शन 

पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई के उद्देश्य से निरीक्षण से जुड़ी सभी जानकारियां और रिपोर्ट मौके पर ही ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की गईं। जिलाधिकारी समीर सौरभ ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट के आधार पर पाई गई तकनीकी या प्रशासनिक कमियों को जल्द दूर किया जाएगा, ताकि योजना के उद्देश्य को पूर्ण रूप से प्राप्त किया जा सके।


हर घर नल का जल पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य: डीएम 

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक परिवार तक नियमित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। औचक निरीक्षण की इस कवायद के बाद अब प्राप्त रिपोर्टों का समेकित आकलन किया जा रहा है और लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों या कर्मियों के खिलाफ सख्त सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।


नमो नारायण मिश्रा की रिपोर्ट