शिक्षा मंत्री ने मॉडल स्कूल का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में कमी पर हेडमास्टर और डीईओ को लगाई फटकार, 15 दिन का दिया अल्टीमेटम

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गोपालगंज के सदौवा स्थित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल का दौरा कर वहां की शैक्षणिक व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान विद्यालय में मिली कमियों पर नाराजगी जताई....

शिक्षा मंत्री ने मॉडल स्कूल का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं
शिक्षा मंत्री ने मॉडल स्कूल का किया औचक निरीक्षण- फोटो : नमो नारायण मिश्रा

Gopalgnaj : बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री का पदभार संभालने के बाद मिथिलेश तिवारी पहली बार अपने ही विधानसभा क्षेत्र के किसी विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने गोपालगंज के सदौवा स्थित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल का दौरा कर वहां की शैक्षणिक व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान विद्यालय में मिली कमियों को देखकर शिक्षा मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया और संबंधित अधिकारियों पर गहरी नाराजगी जताई।


प्रधानाध्यापक और जिला शिक्षा पदाधिकारी को कड़ी फटकार, सुधार के लिए दिया एक मौका 

निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाओं को लेकर शिक्षा मंत्री ने स्कूल के प्रधानाध्यापक और जिले के शिक्षा पदाधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को व्यवस्था सुधारने के लिए फिलहाल एक मौका दिया है, लेकिन साथ ही सख्त हिदायत दी कि यदि सुधार नहीं दिखा, तो प्रधानाध्यापक से लेकर शिक्षा पदाधिकारी तक पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।


15 दिन बाद फिर से होगा निरीक्षण, वरीय अधिकारी 21 बिंदुओं पर करेंगे जांच 

शिक्षा मंत्री ने एक अल्टीमेटम देते हुए कहा कि ठीक 15 दिनों के बाद सदौवा मॉडल स्कूल का दोबारा और सघन निरीक्षण किया जाएगा। इस बार शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारी स्कूल पहुंचेंगे और सरकार द्वारा निर्धारित 21 मानकों व बिंदुओं पर विद्यालय की एक-एक व्यवस्था की गहन जांच कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।


'हर विद्यालय भविष्य का केंद्र', लापरवाही और कोताही कतई बर्दाश्त नहीं 

निरीक्षण के बाद मंत्री ने कहा कि राज्य का हर विद्यालय हमारे बच्चों के भविष्य का केंद्र है और यहीं से राज्य के सुनहरे भविष्य की नींव तैयार होती है। ऐसे में स्कूलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, कोताही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य बिहार में एक मजबूत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था स्थापित करना है, जिसके लिए सभी स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही सख्ती से तय की जाएगी।


नमो नारायण मिश्रा की रिपोर्ट