बाहुबली विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ीं: हथियार वेरिफिकेशन के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम, 15 मई को पेशी
गोपालगंज में हथियार लहराने का वायरल वीडियो मोकामा विधायक अनंत सिंह के लिए अब बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। पुलिस ने उन्हें हथियार के वेरिफिकेशन के लिए नोटिस भेजा है....
Gopalganj : मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के लिए गोपालगंज में हथियार लहराने का वायरल वीडियो अब बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए विधायक को उनके लाइसेंसी हथियारों के भौतिक सत्यापन (वेरिफिकेशन) के लिए महज 48 घंटे की मोहलत दी है। उन्हें 15 मई को हर हाल में मीरगंज थाने में उपस्थित होकर अपने हथियारों की वैधता साबित करनी होगी। इस हाईप्रोफाइल मामले ने जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
जनेऊ कार्यक्रम में हथियार प्रदर्शन का वीडियो हुआ था वायरल
यह पूरा विवाद 2 मई को गोपालगंज के सेमराव गांव में आयोजित एक जनेऊ कार्यक्रम से शुरू हुआ, जिसमें अनंत सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान उनके समर्थकों द्वारा हथियारों के प्रदर्शन और उन्हें लहराने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गया। वीडियो के संज्ञान में आते ही प्रशासन तत्काल हरकत में आया और एसपी के निर्देश पर मीरगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अब इस बात की सूक्ष्मता से पड़ताल कर रही है कि वीडियो में दिखने वाले हथियार वैध थे या अवैध।
कोर्ट ने मांगी केस डायरी, 15 मई को अगली सुनवाई
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। 12 मई को हुई मामले की पहली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से विस्तृत केस डायरी तलब की है। न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए 15 मई की तिथि निर्धारित की है, जो विधायक के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाली है। उसी दिन एक तरफ उन्हें थाने में हथियारों का सत्यापन कराना है, तो दूसरी तरफ कोर्ट में मामले की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
वैध लाइसेंस का दावा और एसपी की चेतावनी
विधायक अनंत सिंह की ओर से उनके करीबियों ने दावा किया है कि कार्यक्रम में मौजूद सभी हथियार पूरी तरह वैध और लाइसेंस प्राप्त थे। हालांकि, गोपालगंज एसपी विनय तिवारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में शस्त्र अधिनियम के नियमों के उल्लंघन या प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही के सबूत मिले, तो कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या लाइसेंसी हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन नियमों के विरुद्ध किया गया।
राजनीतिक साजिश बनाम कानून की कार्रवाई
इस बीच, अनंत सिंह के समर्थकों ने पूरी घटना को उनके खिलाफ एक सोची-समझी 'राजनीतिक साजिश' करार दिया है। उनका आरोप है कि विधायक की लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें जानबूझकर इस मामले में घसीटा जा रहा है। फिलहाल, 15 मई की तारीख इस मामले के भविष्य के लिए निर्णायक साबित होगी। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस वेरिफिकेशन में क्या तथ्य सामने आते हैं और कोर्ट अगली सुनवाई में क्या रुख अपनाता है।
नमो नारायण मिश्रा की रिपोर्ट