Bihar News : गोपालगंज में गलत रिपोर्ट देना अंचलाधिकारियों को पड़ा महंगा, डीएम ने दो पर दो-दो हज़ार का लगाया जुर्माना
Bihar News : लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत 06 अक्टूबर 2026 को द्वितीय अपील के 07 मामलों की सुनवाई जिला पदाधिकारी, गोपालगंज समीर सौरभ द्वारा की गई।
GOPALGANJ : जिला अधिकारी समीर सौरभ ने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत मंगलवार को आयोजित सुनवाई के दौरान प्रशासनिक लापरवाही और भ्रामक जानकारी देने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया है। द्वितीय अपील के तहत कुल 07 मामलों की सुनवाई करते हुए डीएम ने कार्य में लापरवाही बरतने और भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आरोप में अंचल अधिकारी (CO) बरौली और अंचल अधिकारी कुचायकोट पर 2,000-2,000 रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) अधिरोपित किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान बरौली अंचल अधिकारी द्वारा यह रिपोर्ट दी गई थी कि संबंधित स्थल से अतिक्रमण हटा दिया गया है। हालांकि, जब अपीलार्थी से पक्ष लिया गया तो उसने अतिक्रमण यथावत बने रहने की बात कही। स्थल की वास्तविक स्थिति और अंचलाधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में भिन्नता पाए जाने पर डीएम ने भ्रामक प्रतिवेदन देने के आरोप में बरौली अंचलाधिकारी पर ₹2,000 का अर्थदंड लगाया। इसके साथ ही आदेश दिया कि अतिक्रमित भूमि को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए शीघ्र अतिक्रमणमुक्त कराया जाए।
इसी प्रकार लोक शिकायत के एक अन्य मामले में कुचायकोट अंचल अधिकारी द्वारा यह दावा किया गया कि अतिक्रमण वाद के तहत संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर दिया गया है। लेकिन जब डीएम ने नोटिस के तामिला का आधिकारिक प्रतिवेदन मांगा, तो अंचलाधिकारी उसे प्रस्तुत करने में विफल रहे। मामले में भ्रामक तथ्य प्रस्तुत करने पर कुचायकोट अंचलाधिकारी पर भी ₹2,000 का अर्थदंड लगाया गया।
जिलाधिकारी समीर सौरभ ने इस दौरान दोनों अंचल अधिकारियों को कड़ा निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि लोक शिकायत के मामलों में भ्रामक रिपोर्ट देने या लापरवाही की पुनरावृत्ति पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई हेतु वरिष्ठ प्रशासी विभाग को प्रतिवेदित किया जाएगा। इस कड़ी कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। डीएम की इस त्वरित पहल से आम जनता के शिकायतों का पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होने की उम्मीद जगी है।
नमो नारायण की रिपोर्ट