Bihar Crime: अजय हत्याकांड से उठे सवाल, 14 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, खौफ में परिवार
Bihar Crime:बम से हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
Bihar Crime: जमुई जिले के लछुआड़ थाना क्षेत्र में किसान अजय कुमार पांडेय हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हरिहरपुर गांव में 21 सितंबर की शाम पुरानी रंजिश में बम मारकर किसान की हत्या किए जाने के मामले में परिजनों का आरोप है कि घटना के करीब दो सप्ताह बाद भी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इधर, मृतक के परिजन और ग्रामीण दहशत के साये में जी रहे हैं। परिवार को आशंका है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से उनका मनोबल और बढ़ सकता है।
बताया गया कि अजय कुमार पांडेय, पिता सरयुग पांडेय, 21 सितंबर की शाम करीब छह बजे खेत से फसल देखकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव में जमुना मांझी के घर के पास कथित तौर पर घात लगाए बैठे संतोष कुमार उर्फ बाल्मिकी महतो, सौरव कुमार, मोहन ठाकुर समेत अन्य लोगों ने उन पर बम से हमला कर दिया। हमले में अजय पांडेय की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि वारदात के बाद आरोपियों ने मौके पर गोलीबारी भी की और फिर फरार हो गए।
मृतक के पुत्र राजीव कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से परिवार लगातार भय के माहौल में है। उनका कहना है कि आरोपियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और उन्हें खुद पर हमले का डर सता रहा है। राजीव के मुताबिक, उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी, लेकिन नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से खतरा बरकरार है।
मामले में दर्ज प्राथमिकी में ग्रामीणों के भयभीत होने और आरोपियों के खिलाफ खुलकर बोलने से डरने की बात का भी उल्लेख किए जाने का दावा किया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कथित आरोपियों का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।लछुआड़ थाने में कांड संख्या 132/26 के तहत BNS, विस्फोटक अधिनियम और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अब परिजनों की निगाह पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है। परिवार चाहता है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कानून के कटघरे में लाया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। हत्याकांड के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि नामजद आरोपियों तक पुलिस कब पहुंचेगी। पुलिस की जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है और गिरफ्तारी में देरी की वजह क्या है, इसका आधिकारिक जवाब सामने आना बाकी है। फिलहाल परिजनों का डर और ग्रामीणों की खामोशी इस पूरे मामले को और गंभीर बना रही है।
सुमित सिंह की रिपोर्ट