Jahanabad ropeway: बिहार को नई सौगात, 100 फीट ऊंची पहाड़ी तक अब रोपवे से आसान सफर

Jahanabad ropeway: बिहार के जहानाबाद में जल्द शुरू होगा नया रोपवे, राजगीर के बाद मिलेगा दूसरा बड़ा आकर्षण Bihar आने वाले पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर है। Rajgir के बाद अब Jehanabad में दूसरा रोपवे जल्द शुरू होने वाला है। करीब 100 फीट ऊंचे पहाड़ की

 Jahanabad ropeway

 Jahanabad ropeway: बिहार आने वाले पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर है। राजगीर के बाद अब जहानाबाद में दूसरा रोपवे जल्द शुरू होने वाला है। करीब 100 फीट ऊंचे पहाड़ की चोटी तक आसानी से पहुंचने के लिए लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से यह रोपवे बनाया जा रहा है। इस परियोजना का काम अब अंतिम चरण में है और करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, मई तक इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लोअर और अपर स्टेशन लगभग बनकर तैयार हैं और चारों टावर भी पूरी तरह खड़े हो चुके हैं। एक होल्डिंग स्ट्रक्चर भी तैयार है और अब तार बिछाने का काम आखिरी चरण में चल रहा है। जल्द ही ट्रॉली का ट्रायल भी शुरू किया जाएगा।

इस रोपवे में एक बार में 8 से 10 लोग आराम से सफर कर सकेंगे। इसे दो अलग-अलग दिशा में बनाया जा रहा है, ताकि सुरक्षा और संचालन दोनों बेहतर तरीके से हो सके। यह रोपवे बनने से इस इलाके में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। खासकर वाणावर हिल्स क्षेत्र में ज्यादा पर्यटक आएंगे, जिससे यहां के लोगों को रोजगार के नए मौके मिलेंगे। इस परियोजना का एक उद्देश्य यह भी है कि बोधगया और राजगीर आने वाले पर्यटक वाणावर भी घूमने आएं और यहां के इतिहास और आस्था से जुड़ी जगहों को देख सकें।

प्राचीन इतिहास के लिए प्रख्यात इलाका

यह इलाका अपने प्राचीन इतिहास के लिए भी जाना जाता है। यहां मौर्यकाल की बनी गुफाएं मौजूद हैं, जो पुराने समय की झलक दिखाती हैं। इसके अलावा बाबा सिद्धनाथ मंदिर लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र है। सावन के महीने में यहां लाखों श्रद्धालु जल चढ़ाने आते हैं। रोपवे शुरू होने के बाद यहां आने वाले लोगों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। अभी मंदिर तक पहुंचने के लिए लोगों को पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को काफी परेशानी होती है। लेकिन रोपवे शुरू होने के बाद यह सफर कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा और यात्रा काफी आसान हो जाएगी।

रोपवे की नींव कब रखी गई?

इस रोपवे की नींव साल 2015 में रखी गई थी, लेकिन वन विभाग से अनुमति न मिलने के कारण काम में देरी हुई। इसके बाद अक्टूबर 2022 से काम दोबारा तेजी से शुरू हुआ, हालांकि बीच-बीच में कुछ स्थानीय समस्याओं की वजह से काम की गति धीमी रही। अब यह परियोजना लगभग पूरी होने के करीब है। रोपवे से सफर करने के दौरान लोग पहाड़ की ऊंचाई से वाणावर की हरियाली, प्राकृतिक सुंदरता और फल्गु नदी के सुंदर नज़ारों का आनंद भी ले सकेंगे। आने वाले समय में यह जगह एक अच्छा पर्यटन केंद्र बन सकती है। इस परियोजना से स्थानीय लोगों को आर्थिक फायदा भी होगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से छोटे व्यापार बढ़ेंगे, रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।