पीएम केयर्स योजना बनी रिया के सपनों की उड़ान: माता-पिता को खोने के बाद भी इंटर में प्राप्त की 84.8% अंक, जिला प्रशासन ने संभाला था जिम्मा

कोरोना महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खोने वाली जहानाबाद की होनहार बेटी रिया कुमारी ने विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में 84.8 प्रतिशत अंक लाकर जिले का नाम रोशन किया है

पीएम केयर्स योजना बनी रिया के सपनों की उड़ान: माता-पिता को ख
पीएम केयर्स योजना बनी रिया के सपनों की उड़ान- फोटो : विक्रमादित्य

Jehanabad : कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो और प्रशासनिक संवेदनशीलता का साथ मिल जाए, तो विपरीत से विपरीत परिस्थितियां भी कामयाबी का रास्ता नहीं रोक सकतीं। इसे सच कर दिखाया है जहानाबाद जिले की होनहार बेटी रिया कुमारी ने। वैश्विक कोरोना महामारी (Covid-19) के दौरान अपने माता-पिता को हमेशा के लिए खो देने वाली रिया ने तमाम मानसिक और सामाजिक दुखों से उबरकर वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट (10+2) परीक्षा में 84.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। रिया की इस उल्लेखनीय सफलता ने न केवल उनके गांव बल्कि पूरे जिले का नाम गौरवान्वित किया है।


कुर्मा संस्कृति उच्च विद्यालय की छात्रा ने जिला चमकाया

रिया कुमारी जहानाबाद जिले के कुर्मा कोसडिहरा स्थित 'कुर्मा संस्कृति माध्यमिक उच्च विद्यालय' की नियमित छात्रा हैं। माता-पिता के साये से महरूम होने के बाद रिया के सामने गहरा आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया था, लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई की रफ्तार को थमने नहीं दिया। जिला बाल संरक्षण इकाई, जहानाबाद के सक्रिय प्रयासों से रिया कुमारी को केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना 'पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन' (PM CARES for Children) से जोड़ा गया, जो उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।


जहानाबाद के डीएम खुद बने रिया के अभिभावक

भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना के तहत जहानाबाद के जिला पदाधिकारी (DM) ने स्वयं आगे आकर रिया कुमारी के अभिभावक (गार्जियन) का दायित्व संभाला। जिला प्रशासन और जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा रिया को निरंतर वित्तीय सहायता, मुफ्त पाठ्य सामग्री, रहने-खाने की व्यवस्था और समय-समय पर प्रशासनिक स्तर पर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया। रिया बताती हैं कि माता-पिता के जाने के बाद जिला पदाधिकारी की निरंतर देखरेख और शिक्षकों के हौसला-अफजाई ने ही उनमें दोबारा पढ़ाई का आत्मविश्वास जगाया।


प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज सेवा करने का है सपना

अपनी शानदार सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए रिया कुमारी ने भविष्य की योजनाओं को लेकर बताया कि वे आगे चलकर सिविल सर्विसेज (प्रशासनिक सेवा) में जाना चाहती हैं। उनका सपना एक आईएएस/बिहार प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बनकर समाज के गरीब, अनाथ और जरूरतमंद बच्चों के लिए काम करना है, ताकि उनकी तरह कोई और बच्चा संसाधनों के अभाव में टूटने न पाए। उन्होंने अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय पीएम केयर्स योजना, जहानाबाद जिला प्रशासन और अपने समर्पित शिक्षकों को दिया है।


जिला प्रशासन ने दी बधाई, अन्य बच्चों के लिए बनीं मिसाल

रिया की इस शानदार और अनुकरणीय उपलब्धि पर जहानाबाद जिला प्रशासन, जिलाधिकारी और जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। अधिकारियों ने रिया को मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। जिला प्रशासन ने इस अवसर पर जिले के आम नागरिकों से अपील की है कि वे सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी और शैक्षणिक योजनाओं के प्रति जागरूक रहें, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों को भी शिक्षा और विकास का मुख्य मार्ग मिल सके।


विक्रमादित्य की रिपोर्ट