मोहनिया चेक पोस्ट पर फिर अवैध उगाही: एसपी की बड़ी कार्रवाई के बाद भी बेखौफ था आरोपी, वसूली करते रंगे हाथों गिरफ्तार
Kaimoor : कैमूर पुलिस की नाक के नीचे मोहनिया समेकित जांच चौकी (चेक पोस्ट) पर ट्रकों से अवैध वसूली का गंदा खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मोहनिया थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चेक पोस्ट के दक्षिणी लेन से ट्रकों से अवैध उगाही कर रहे एक शातिर युवक को रंगे हाथों धर दबोचा है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने साफ कर दिया है कि चेक पोस्ट पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धनेक्षा गांव के राजकिशोर गुप्ता के रूप में हुई पहचान
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी की शिनाख्त दुर्गावती थाना क्षेत्र के धनेक्षा गांव निवासी राजवंश शाह के पुत्र राजकिशोर गुप्ता के रूप में की गई है। गिरफ्तारी के वक्त जब पुलिस टीम ने आरोपी की अमली तलाशी ली, तो उसके पास से ट्रक चालकों से जबरन वसूली किए गए $2400$ रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस ने नकदी को जब्त करते हुए आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया है।
कुछ दिन पहले ही जेल गए थे 4 सैप जवान और 5 एंट्री माफिया
इस पूरी घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि अभी कुछ ही दिन पहले कैमूर एसपी के कड़े निर्देश पर इसी चेक पोस्ट पर एक हाईप्रोफाइल छापेमारी की गई थी। उस बड़ी कार्रवाई में अवैध वसूली के रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 4 सैप (SAP) जवानों और 5 एंट्री माफियाओं समेत कुल 9 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जिनके पास से $57,760$ रुपये बरामद हुए थे। इतनी बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद राजकिशोर गुप्ता का बेखौफ होकर दोबारा वसूली करना पुलिस को खुली चुनौती दे रहा था।
जांच का विषय: आखिर कौन है इस नए खेल का 'आका'?
इतनी बड़ी कार्रवाई और पुलिस की लगातार मुस्तैदी के बाद भी दक्षिणी लेन में दोबारा उगाही का खेल शुरू हो जाना अब गहरे अनुसंधान का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों और गलियारों में यह चर्चा तेज है कि आखिर इस पकड़े गए युवक के पीछे किसका हाथ है? यह जांच की जा रही है कि आरोपी किसके शह या निर्देश पर ट्रकों को रोकने और उनसे पैसे वसूलने की हिम्मत जुटा पा रहा था।
थाना प्रभारी ने की पुष्टि, कड़ियां खंगालने में जुटी पुलिस
मोहनिया थाना प्रभारी आलोक कुमार ने दूरभाष (फोन) पर इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी राजकिशोर गुप्ता को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस अवैध उगाही सिंडिकेट से जुड़ी अन्य कड़ियों और इसके पीछे छिपे मुख्य सरगनाओं का पता लगाने के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है, ताकि इस रैकेट को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
देवव्रत की रिपोर्ट