Bihar Teacher News: डिजिटल हाजिरी का बड़ा घोटाला, इतने शिक्षक दूसरे जिले-राज्य से बना रहे थे अटेंडेंस, अब जाएगी नौकरी!

Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लागू ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ व्यवस्था पर चौंकाने वाला मामला सामने आया है।..

21 Teachers Face Action Over Fake Digital Attendance

Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लागू ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ व्यवस्था पर कटिहार से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ई-शिक्षा कोश पोर्टल की पिछले महीने की समीक्षा के दौरान विभाग ने ऐसे शिक्षकों को चिन्हित किया है, जो अपने पदस्थापित विद्यालय में मौजूद तो नहीं थे, बल्कि दूसरे जिले और यहां तक कि दूसरे राज्य में रहकर डिजिटल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे थे।

विभागीय समीक्षा में करीब 21 विद्यालयों के 21 शिक्षकों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। आरोप है कि इन शिक्षकों ने विद्यालय परिसर में मौजूद हुए बगैर डिजिटल उपस्थिति दर्ज कराई। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और संबंधित शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।

दरअसल, बिहार सरकार ने विद्यालयों में शिक्षकों की वास्तविक मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल अटेंडेंस की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत शिक्षक को विद्यालय परिसर में उपस्थित होकर ई-शिक्षा कोश के माध्यम से अपनी हाजिरी दर्ज करनी होती है। इसका मकसद कागजी हाजिरी और फर्जी उपस्थिति पर लगाम लगाना है। लेकिन कटिहार में सामने आया यह मामला बताता है कि डिजिटल व्यवस्था में भी सेंध लगाने की कोशिश की जा रही है।

कटिहार के जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि चिन्हित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, जिन शिक्षकों का जवाब विभाग को प्राप्त हुआ, उनमें कई के स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना गया है। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग की यह कार्रवाई उन शिक्षकों के लिए सख्त संदेश है, जो सरकारी नियमों को ताक पर रखकर डिजिटल प्रणाली का दुरुपयोग कर रहे हैं। विभाग लगातार स्कूलों में शिक्षक की मौजूदगी, बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद में जुटा है। इसके लिए डिजिटल मॉनिटरिंग से लेकर ऑनलाइन उपस्थिति तक कई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

लेकिन सवाल यही है कि अगर शिक्षक ही व्यवस्था की आंखों में धूल झोंकने लगें तो सरकारी शिक्षा व्यवस्था कैसे पटरी पर आएगी? जिस डिजिटल प्रणाली को पारदर्शिता और जवाबदेही का औजार बनाया गया है, उसका दुरुपयोग पूरी व्यवस्था की साख पर सवाल खड़ा करता है।अब निगाहें शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई न सिर्फ जरूरी होगी, बल्कि दूसरे शिक्षकों के लिए भी यह स्पष्ट संदेश होगा कि डिजिटल हाजिरी में फर्जीवाड़ा किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह