Bihar News:कटिहार की बेटी ने बढ़ाया बिहार का मान, युवा उद्यमी मीशा सिंह को राष्ट्रपति भवन से मिला विशेष निमंत्रण, काम जानकर चौक जाएंगे आप
Bihar News: बिहार की बेटियां अब सिर्फ शिक्षा और प्रशासन ही नहीं, बल्कि उद्यमिता की दुनिया में भी नई पहचान गढ़ रही हैं। ...
Bihar News: बिहार की बेटियां अब सिर्फ शिक्षा और प्रशासन ही नहीं, बल्कि उद्यमिता की दुनिया में भी नई पहचान गढ़ रही हैं। कटिहार की युवा महिला उद्यमी मीशा सिंह ने अपनी नवाचारी सोच और कारोबारी मॉडल के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फिशरी लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में किए गए उनके अभिनव कार्य के लिए उन्हें 15 अगस्त के अवसर पर राष्ट्रपति भवन से विशेष निमंत्रण मिला है। इस सम्मान के बाद पूरे कटिहार सहित बिहार में खुशी का माहौल है। पिछले दो वर्षों से फिशरी लॉजिस्टिक्स और कोल्ड चेन नेटवर्क पर काम कर रहीं मीशा सिंह ने बताया कि उन्होंने कृषि क्षेत्र में पढ़ाई की है। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें महसूस हुआ कि बिहार जैसे राज्य में मछली उत्पादन तो तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन की मजबूत व्यवस्था का अभाव है। इसी जरूरत को अवसर में बदलते हुए उन्होंने मछली परिवहन और कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स पर आधारित एक नया बिजनेस मॉडल विकसित किया, जो अब पहचान बना रहा है।
मीशा का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ कारोबार करना नहीं, बल्कि मछली उत्पादकों और व्यापारियों को बेहतर सप्लाई चेन उपलब्ध कराना है, ताकि किसानों और मत्स्य पालकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। उनके इसी इनोवेटिव आइडिया और उद्यमशीलता को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। सबसे खास बात यह है कि इस श्रेणी में राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण पाने वाली वह बिहार की एकमात्र युवा महिला उद्यमी हैं। इस उपलब्धि को लेकर मीशा बेहद उत्साहित हैं और इसे अपने परिवार, टीम और बिहार की बेटियों को समर्पित करती हैं।
मीशा की सफलता पर उनके परिवार में भी उत्सव का माहौल है। उनकी बहन ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके परिवार का नहीं, बल्कि पूरे सीमांचल और बिहार की बेटियों का सम्मान है। उनका मानना है कि मीशा अब उन युवतियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस रखती हैं।
कटिहार की इस बेटी ने यह साबित कर दिया है कि यदि सोच नई हो और इरादे मजबूत हों, तो छोटे शहरों से निकले विचार भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकते हैं। राष्ट्रपति भवन का यह निमंत्रण न केवल मीशा सिंह की उपलब्धि है, बल्कि बिहार की उभरती उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण की नई पहचान भी है।
रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह