करंट से तड़प रहा था मिस्त्री, लोगों ने दिखाई सूझबूझ, जागरूकता ने बचाई जान
Bihar News: सावन के महीने में मनिहारी गंगा घाट के सौंदर्यीकरण का काम चल रहा था। इसी दौरान एक बिजली मिस्त्री अचानक बिजली के तार की चपेट में आ गया और....
Bihar News: कटिहार के मनिहारी गंगा तट से सामने आई एक तस्वीर यह साबित करती है कि सही समय पर दिखाई गई समझदारी और प्राथमिक उपचार की जानकारी किसी की जिंदगी बचा सकती है। सावन के महीने में मनिहारी गंगा घाट के सौंदर्यीकरण का काम चल रहा था। इसी दौरान एक बिजली मिस्त्री अचानक बिजली के तार की चपेट में आ गया और करंट लगने से मौके पर ही बुरी तरह झुलस गया।घटना के वक्त घाट पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने घबराने के बजाय सूझबूझ का परिचय दिया। करंट की चपेट में आए मिस्त्री को सीधे हाथ लगाने की बजाय पहले बिजली के तार से अलग करने का सुरक्षित तरीका अपनाया गया। लोगों ने बांस की मदद से बिजली के तार से मिस्त्री के हाथ को हटाया, ताकि बचाव कार्य में शामिल लोग खुद भी करंट की चपेट में न आएं।
इसके बाद स्थानीय लोगों ने प्राथमिक चिकित्सा के तहत सीपीआर देकर मिस्त्री को होश में लाने और उसकी स्थिति संभालने का प्रयास किया। तत्पश्चात उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर किए गए बचाव और प्राथमिक उपचार के कारण बिजली मिस्त्री की जान बच गई। फिलहाल उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है और वह पूरी तरह स्वस्थ है।मनिहारी की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि आपदा या दुर्घटना के वक्त सिर्फ संसाधन ही नहीं, बल्कि आम लोगों की जागरूकता और प्राथमिक उपचार की जानकारी भी बेहद अहम होती है। अगर मौके पर मौजूद लोगों ने जल्दबाजी में मिस्त्री को सीधे छूने की कोशिश की होती, तो हादसा और गंभीर हो सकता था। लेकिन स्थानीय लोगों ने पहले बिजली के संपर्क को सुरक्षित तरीके से खत्म किया और उसके बाद सहायता पहुंचाई।
सावन के महीने में मनिहारी गंगा घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। ऐसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान पर बिजली से जुड़े काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन भी बेहद जरूरी है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर बिजली कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।हालांकि, इस घटना का सबसे सकारात्मक पहलू स्थानीय लोगों की तत्परता रही। करंट लगने के बाद कुछ ही समय में मिस्त्री को तार से अलग करना, प्राथमिक उपचार देना और अस्पताल पहुंचाना—इन कदमों ने संभावित जानलेवा हादसे को टाल दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। अब यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि समाज अगर जागरूक, सतर्क और प्राथमिक चिकित्सा के प्रति जानकार हो, तो मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में भी किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है। मनिहारी गंगा घाट की यह तस्वीर किसी सरकारी व्यवस्था से ज्यादा आम नागरिक की जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना की मिसाल बनकर सामने आई है। हादसा भले अचानक हुआ, लेकिन स्थानीय लोगों की समझदारी ने उसके अंजाम को बदल दिया।
रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह