Bihar News: कटिहार नगर निगम की सफ़ाई व्यवस्था पर बड़ा सवाल, दो करोड़ की गाड़ियां बनीं सफ़ेद हाथी
Bihar News: कटिहार नगर निगम इन दिनों घोड़ा से पहले लगाम खरीदने वाली कहावत को ज़मीन पर उतारता नज़र आ रहा है।
Katihar: नगर निगम इन दिनों घोड़ा से पहले लगाम खरीदने वाली कहावत को ज़मीन पर उतारता नज़र आ रहा है। शहर के वार्डों की सफ़ाई के लिए जिस एनजीओ को काम सौंपा जाना है, उसकी प्रक्रिया अब तक अधर में लटकी है, लेकिन हैरत की बात यह है कि करीब छह महीने पहले ही लगभग दो दर्जन सफ़ाई वाहन खरीद लिए गए। नतीजा ये गाड़ियां आज तक सड़कों पर उतरी नहीं और अब खुले आसमान के नीचे खड़े-खड़े कबाड़ में तब्दील होती जा रही हैं।
सवाल यह है कि जिन गाड़ियों पर करीब दो करोड़ रुपये जनता के टैक्स का पैसा खर्च हुआ, वे आखिर क्यों सफ़ेद हाथी बनकर नगर निगम के आंगन में पड़ी हैं? इस पूरे मामले में नगर निगम के स्वच्छता पदाधिकारी का जवाब और भी चौंकाने वाला है। उनका कहना है कि
गाड़ियां चलाने के लिए ड्राइवर चाहिए, और ड्राइवर हैं ही नहीं।”यानी गाड़ी है, लेकिन चलाने वाला नहीं व्यवस्था का यह कैसा निज़ाम?
मिर्चाईबाड़ी मोहल्ले के जिस वार्ड में ये गाड़ियां धूल फांक रही हैं, वहां के पूर्व पार्षद सह वर्तमान पार्षद प्रतिनिधि चाँदसी यादव ने एक और बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि संभव है गाड़ियों की खरीद का पूरा भुगतान अब तक नहीं हुआ हो, इसी वजह से ये वाहन यूं ही खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन गाड़ियों से शहर चमकना था, वही आज खुद बदहाली की तस्वीर बन चुकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ शहर की सफ़ाई व्यवस्था चरमराई हुई है, दूसरी तरफ करोड़ों की गाड़ियां बिना इस्तेमाल के जंग खा रही हैं। यह सिर्फ़ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के टैक्स के पैसे की खुली बर्बादी है।
रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह