चिकन नेक कॉरिडोर में रेलवे का बड़ा मास्टरप्लान : फोर्थ रेल लाइन को मिली मंजूरी, टनल बनाने का ब्लूप्रिंट तैयार

सीमांचल और कटिहार को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। इस क्षेत्र में रेलवे नेटवर्क मजबूत होगा। भारत चिकन नेक कॉरिडोर में रेलवे नेटवर्क और अधिक मजबूत करने जा रहा है। इस रुट पर चौथी लाइन की मंजूरी मिल गई है......

चिकन नेक कॉरिडोर में रेलवे का बड़ा मास्टरप्लान : फोर्थ रेल ल
सीमांचल और कटिहार के लिए बड़ी सौगात- फोटो : श्याम

Katihar : भारत के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'चिकन नेक कॉरिडोर' में रेलवे अपने नेटवर्क को और अधिक मजबूत करने जा रहा है। इस अहम रेल रूट पर 'फोर्थ रेल लाइन' (चौथी लाइन) के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। रेलवे के इस फैसले को कटिहार और पूरे सीमांचल क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है। चौथी लाइन के निर्माण से इस व्यस्त रूट पर ट्रेनों के परिचालन की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और वर्तमान रेल लाइनों पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।


जीएम चेतन कुमार श्रीवास्तव ने दी चौथी रेल लाइन की जानकारी

कटिहार में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के महाप्रबंधक (GM) चेतन कुमार श्रीवास्तव ने इस परियोजना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि चिकन नेक कॉरिडोर में फोर्थ रेल लाइन की मंजूरी मिल चुकी है, जिससे इस रेल खंड पर ट्रेनों के संचालन में काफी आसानी होगी। इसके अलावा, भविष्य में इस रूट पर नई यात्री व मालगाड़ी ट्रेनों के परिचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी और लगातार बढ़ते रेल ट्रैफिक को सुचारू रूप से संभालने के लिए रेलवे को अतिरिक्त क्षमता प्राप्त होगी।


देश को पूर्वोत्तर से जोड़ने वाला 34 किमी चौड़ा रणनीतिक गलियारा

गौरतलब है कि 'चिकन नेक' लगभग 34 किलोमीटर चौड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक कॉरिडोर है, जो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (नॉर्थ-ईस्ट) को देश के बाकी हिस्से से जोड़ता है। भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से यह इलाका देश के लिए बेहद मायने रखता है। यही कारण है कि इस रेल कॉरिडोर को हर मौसम और परिस्थिति में निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करने के उद्देश्य से लगातार अपग्रेड किया जा रहा है।


अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के पास सुरक्षा और इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

नेपाल और बांग्लादेश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के बेहद करीब होने के कारण यह पूरा इलाका राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। किसी भी आपात स्थिति या रणनीतिक आवश्यकता के समय पूर्वोत्तर तक त्वरित पहुंच बनाए रखने के लिए इस रूट पर रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार बेहद अहम है। चौथी लाइन बनने से न केवल आम यात्रियों को सहूलियत होगी, बल्कि सैन्य एवं रसद आपूर्ति की दृष्टि से भी भारतीय रेलवे अधिक सशक्त होगी।


टनल निर्माण का ब्लूप्रिंट तैयार, भविष्य में और बेहतर होगी रेल कनेक्टिविटी

फोर्थ रेल लाइन के साथ-साथ चिकन नेक से जुड़े इलाके में रेल टनल (सुरंग) बनाए जाने की भी बड़ी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, इस टनल को लेकर प्रारंभिक ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इस दिशा में आगे का काम शुरू हो सकता है। फोर्थ रेल लाइन की मंजूरी और टनल की इस संभावित योजना से आने वाले दिनों में चिकन नेक कॉरिडोर में रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा पहले से कहीं अधिक मजबूत और सुरक्षित होने की पूरी उम्मीद है।


श्याम की रिपोर्ट