Bihar News : कटिहार में गौ तस्करी का भंडाफोड़, हिन्दू संगठन के नाम पर अवैध उगाही का 'खतरनाक खेल' उजागर, पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया एफआईआर

Bihar News : कटिहार में गौ तस्करी का भंडाफोड़, हिन्दू संगठन क

KATIHAR : बिहार के सीमांचल इलाके में पैर पसार चुके गौ तस्करी के सिंडिकेट के खिलाफ कटिहार पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डहरिया भट्टा टोला से पुलिस ने एक ट्रक को जब्त किया है, जिसमें क्रूरतापूर्ण तरीके से 43 मवेशियों को लादा गया था। जांच में सामने आया है कि इन गायों को तस्करी के मकसद से बिहार के रास्ते बंगाल बॉर्डर होते हुए बांग्लादेश पहुँचाया जाना था। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक को कब्जे में लिया और कुल 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।

गौ रक्षा के नाम पर फर्जीवाड़े का नया ट्रेंड

इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब संगठन के नाम पर फर्जीवाड़े की बात उजागर हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों ने खुद को एक विशेष हिंदू संगठन का कार्यकर्ता बताकर तस्करों के ट्रक को रोका। उनका मकसद गौ तस्करी रोकना नहीं, बल्कि संगठन के नाम का डर दिखाकर तस्करों से मोटी रकम ऐंठना था। स्थानीय लोगों की सजगता के कारण जब मामला बढ़ने लगा, तो उगाही करने वाले ये फर्जी कार्यकर्ता मौके से फरार हो गए, जिससे इलाके में संगठन के नाम पर चल रहे इस खतरनाक खेल का पर्दाफाश हो गया।

हिंदू संगठनों ने की कार्रवाई की मांग

संगठन का नाम बदनाम होने की खबर मिलते ही बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। कटिहार बजरंग दल के संयोजक राणा सोनी ने कैमरे पर आकर स्पष्ट किया कि संगठन के नाम पर अवैध वसूली करने वालों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे जालसाजों को चिह्नित कर उन पर कठोर कार्रवाई की जाए जो धर्म और सेवा के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इस बीच, वेटरनरी डॉक्टर अमरंजय कुमार की टीम ने जब्त गायों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया है।

पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष

मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी अभिजीत सिंह ने पुष्टि की है कि मुफस्सिल थाना पुलिस ने डहरिया भट्टा टोला से 43 गायों से लदे ट्रक को जब्त कर लिया है। उन्होंने बताया कि इस पूरे गिरोह और फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जिससे यह पता चल सके कि तस्करी का यह नेटवर्क कहाँ से शुरू हुआ और उगाही करने वाले सिंडिकेट के तार किन-किन लोगों से जुड़े हुए हैं।

तस्करी का 'बिहार टू बांग्लादेश' रूट और भविष्य की चुनौती 

सीमांचल में 'बिहार टू बांग्लादेश वाया बंगाल' का यह तस्करी रूट लंबे समय से चर्चा में रहा है। हालांकि हिंदू संगठनों की सक्रियता से इस पर कुछ हद तक लगाम लगी थी, लेकिन अब फर्जी कार्यकर्ताओं द्वारा उगाही का यह नया ट्रेंड पुलिस और वास्तविक संगठनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस उन 6 नामजद आरोपियों के जरिए तस्करी के मुख्य सरगनाओं तक कब तक पहुँच पाती है और संगठन के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ क्या कड़ा रुख अपनाती है।

श्याम की रिपोर्ट