खगड़िया में हुआ समर्पित कांग्रेसियों का सम्मेलन, प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे नेता और कार्यकर्ता
Khagaria : बिहार में डूबते कांग्रेस को बचाने के लिए खगड़िया मे कांग्रेस के समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी की दुर्दसा पर विस्तार से चर्चा करते हुए चंद नेताओं को जिम्मेव
Khagaria : बिहार में विलुप्त होती पार्टी को बचानें के लिए “बिहार कांग्रेस बचाओ अभियान” की ओर से पूर्व विधायक छत्रपति यादव के संयोजन एवं एआईसीसी सदस्य एवं चौकीदार दफादार संघ के पूर्व अध्यक्ष की अध्यक्षता में आज खगड़िया जिला के स्थानीय के एन कल्ब में समर्पित कांग्रेसियों का सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि एआईसीसी सदस्य एवं पूर्व प्रदेश प्रवक्ता आनन्द माधव थे। वहीं उद्घाटनकर्ता के रूप में एआईसीसी सदस्य जमाल अहमद भल्लू, विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रदेश सचिव वसी अख्तर, इम्तियाज अहमद, रमेश सिंह आदि ने भाग लिया। सम्मेलन में राज्य के कोने कोने से लोग भाग लेने आये।
खचाखच भरे हॉल में लोगों का स्वागत करते हुए संयोजक छत्रपति यादव ने कहा कि यह सम्मेलन हमलोग शौकिया नहीं, विशेष परिस्थिति में कर रहे हैं। बिहार कांग्रेस की गिरती अवस्था एवं वहाँ फैली भ्रष्टाचार, अव्यवस्था तथा अराजकता से पूरे प्रदेश में कांग्रेस अपना जनाधार एवं जन विश्वास खो चुकी है। लोग वर्तमान व्यवस्था से मुक्ति चाहते हैं। हम सब आज यहॉं बिहार कांग्रेस को गिरवी होने से बचाने के लिये इक्कठ्ठा हुए हैं।
कहा कि आज प्रदेश कांग्रेस को राजनीतिक सूझबूझ वाले व्यक्ति नही हैं बल्कि ऐजेंटों का समूह चला रहा है। यह सम्मेलन उसी दिशा में उठाया गया हमारा कदम है। पैसों का खेल चल रहा है, पैसे वालों को खोजा जा रहा है, कार्यकर्ता हाशिये पर हैं। पार्टी रसातल में जा रही किसी को कोई चिंता नहीं है।
कार्यक्रम का उद्घाटन एआईसीसी सदस्य मो जमाल अहमद भल्लू ने किया।उन्होंने कहा कि ईमानदार छवी वाले एक जीते हुए विधायक छत्रपति यादव का टिकट काट हारे हुए व्यक्ति को टिकट दिया गया जो बुरी तरह हार गए। यह कहां का न्याय है? पांच-पांच सिटिंग विधायकों का अकारण टिकट काटा गया जिसका कोई औचित्य नहीं है। आज पार्टी नौसिखिया लोगों के हाथ में है जिसके पास ना तो विजन है और ना मिशन।
मु्ख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए आनन्द माधव ने कहा कि आज परिस्थिति बहुत विकट है, विकराल है, बिना परिवर्तन के कोई अन्य उपाय नहीं है। 61 सीट पर लड़े लेकिन बिहार कांग्रेस प्रभारी के कुकृत्यो के कारण हम मात्र 6 सीटों पर रह गए। अध्यक्ष राजेश राम और तत्कालीन विधानमंडल दल के नेता शकील अहमद खान की भी बुरी तरह हार हुईं। राज्यसभा चुनाव के समय 3 और विधायक बागी हो गए अब तक उनपर कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। विडंबना यह है कि अब तक कांग्रेस विधानमंडल दल का नेता नहीं चुना जा सका है।पार्टी अपने सबसे निचले स्तर आ चुकी है।
कहा कि यह सम्मेलन हमारी कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, सच्चाई के लिये है, हमारी लड़ाई आनेवाली पीढ़ी के लिये है।हमारे नेता राहुल गॉंधी जी कहते हैं “ड़रो मत”, इसलिये हम बिना ड़रे सच लोगों के सामने ला रहे हैं। दिल्ली से कोई आता है और दावा करता है कि मैं राहुल का राइट हैंड हूँ। मीडिया के ज़रिये नरेटिव फैलाता है। फिर अपनी टीम लेकर आता है और व्यापार करता है। अपनी असफलताओं को छिपाने के लिये प्रभारी रोज़ नया गोल पोस्ट ढूंढता है जिससे कार्यकर्ताओं को मूर्ख बनाया जा सके। हमें यह रोकना होगा कि कहीं फिर कोई यह ना कहे कि मैं RG का बांया हाथ हूँ। आज बिहार चौपट हुआ है और कल बंगाल, परसों उत्तर प्रदेश या अन्य राज्य चौपट कर दे।
वसी अख़्तर ने कहा कि सवाल बहुत हैं कोई जवाब नहीं, लोग मनमानी कर रहे कोई सुनने वाला नहीं। लेकिन हम तब तक अपना यह आंदोलन जारी रखेंगे जब तक हमारी आवाज़ आलाकमान तक नहीं पहुँचती।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में नागेंद्र पासवान विकल ने कहा कि हमारी आवाज़ नहीं सुनी गई तो हम जिले जिले घूमकर कांग्रेसियों को जगाने का काम करेंगे। हम दिल्ली भी जायेंगे वहाँ भी धरना प्रदर्शन करेंगे । कार्यकर्ताओं की आवाज़ आलाकमान को सुननी पड़ेगी और आपको हमारे साथ आना पड़ेगा।
सम्मेलन को विन्दू शेखर पांडेय,,नागेश्वर प्रसाद सिंह, सुनील कुमार , ई नन्द कुमार , वीरेंद्र सिंह, दीपक कुमार सिंह सहित कई नेताओं एवं पूर्व ज़िलाध्यक्षों ने भी संबोधित किया।मंच संचालन वरीय नेता कुंदन कुमार सिन्हा ने किया।
पटना से आए कांग्रेस नेता वशी अख़्तर ,ई० मतियाज अहमद ,पंकज यादव ,कुंदन कुमार सिन्हा,प्रो० आनंद कुमार ,जयप्रकाश सिंह ,सकील अहमद ,मो० फ़ैज़ान ,बच्चू बाबू,बुद्धन यादव,विनय राम,पंकज यादव ,उदय शंकर यादव,नंदकुमार सुभाष ,सुनील कुमार मंनु,उदय यादव ,वीरू यादव ,कारे यादव ,सत्य विजय यादव ,शंकर यादव समिति ,लक्ष्मण यादव ,बालेश्वर साह,विमल यादव ,दीपक कुमार सिंह ,उदय शंकर मंटू ,मेराज आलम ,मेराज आलम पूर्व मुखिया एवं गणमान्य शामिल रहे।
नरोत्तम कुमार सिंह की रिपोर्ट