दिल्ली में चूल्हे की आग ने बुझाए बिहार के दो घरों के चिराग, 2 की मौत, तीसरा अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रहा
Bihar News: रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली गए खगड़िया के नौरंगा गांव के तीन मजदूरों के साथ हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया है।..
Khagaria: रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली गए खगड़िया के नौरंगा गांव के तीन मजदूरों के साथ हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया है। खाना बनाने के दौरान लगी आग में तीनों मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। इलाज के दौरान दो की मौत हो गई, जबकि तीसरा मजदूर अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।चौथम थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव निवासी आजाद यादव, शोषम कुमार और सुबोध पासवान दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे। बताया गया कि बीते 6 अगस्त को दिल्ली के सदर बाजार इलाके में खाना बनाने के दौरान अचानक आग की चपेट में आने से तीनों बुरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान 10 अगस्त को शोषम कुमार की मौत हो गई। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में ही कर दिया गया। वहीं आजाद यादव और सुबोध पासवान को इलाज के बाद परिजन घर लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान 11 अगस्त को रास्ते में आजाद यादव की भी मौत हो गई।
बुधवार सुबह करीब नौ बजे आजाद का शव नौरंगा गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी मंजू देवी, बेटे गोलू और राजू समेत बेटियों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। उधर, शोषम की मौत से उनकी मां शीला देवी समेत परिवार के लोगों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
आजाद यादव अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य बताए जा रहे हैं। उनकी मौत के बाद पत्नी, दो बेटों और दो बेटियों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य बेटियों की शादी की जिम्मेदारी अभी परिवार पर है। ऐसे में कमाऊ सदस्य की मौत ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।वहीं शोषम कुमार तीन भाइयों में मंझले थे। उनकी मौत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद चौथम प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि चंदन सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता सूरज कुमार, वार्ड सदस्य बलबीर यादव, शुभम कुमार और ढोंगल यादव समेत कई लोग पीड़ित परिवारों के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।फिलहाल तीसरे घायल मजदूर सुबोध पासवान का इलाज पूर्णिया में जारी है। तीन मजदूरों के साथ हुए इस हादसे ने नौरंगा गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। रोजगार की तलाश में घर से हजारों किलोमीटर दूर गए मजदूरों में से दो की मौत ने पीछे छूटे परिवारों के सामने जिंदगी की नई जद्दोजहद खड़ी कर दी है।
रिपोर्ट- अमित कुमार