Lakhisarai News : News4Nation पर खबर चलते ही अस्पताल पहुंचे एसडीएम, ड्यूटी से गायब डॉक्टरों को थमाया नोटिस, 48 घंटे में देना होगा जवाब
Lakhisarai : “अस्पताल को ही इलाज की जरूरत है”—एसडीएम के इस सख्त बयान के बाद अब बड़हिया रेफरल अस्पताल में लापरवाही पर प्रशासन ने सीधी कार्रवाई शुरू कर दी है। औचक निरीक्षण में ड्यूटी से बिना सूचना गायब पाए गए डॉक्टरों और कर्मियों को अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) लखीसराय की ओर से स्पष्टीकरण पत्र (शोकॉज) जारी कर 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। दरअसल, 22 जनवरी को News4Nation ने बड़हिया रेफरल अस्पताल की व्यवस्था पर खबर चलाई थी।
खबर में बताया गया था कि अस्पताल में ड्यूटी रोस्टर के अनुसार कार्य नहीं हो रहा और मरीजों को समय पर चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल पा रही है। खबर प्रसारित होने के कुछ ही घंटे बाद एसडीएम प्रभाकर कुमार ने अस्पताल पहुंचकर अपराह्न 01:45 बजे औचक निरीक्षण किया, जिससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम कार्यालय से जारी पत्रों के मुताबिक निरीक्षण के दौरान कई डॉक्टर व कर्मी अपने निर्धारित कर्तव्य स्थल से बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए। इसे सरकारी कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए एसडीएम प्रभाकर कुमार ने संबंधितों को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया कि सभी को 48 घंटे के भीतर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराना होगा। चेतावनी दी गई है कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर आगे की कार्रवाई के लिए वरीय पदाधिकारी को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
एसडीएम कार्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार निर्मला कुमारी (GNM), अमित कुमार सिंह, विष्णु कुमार, सोनी कुमारी (डी-फार्म प्रशिक्षण), नितु कुमारी और प्रदीप कुमार से जवाब तलब किया गया है। इसी क्रम में एक अन्य पत्र के माध्यम से निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाए गए डॉक्टरों से भी 48 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया। इसमें डॉ. सत्येन्द्र नारायण, डॉ. उज्जवल कुमार, डॉ. अशुतोष प्रता (RBSK) और डॉ. मनीष साहू (MO) शामिल हैं। इसके बाद 24 जनवरी 2026 को जारी पत्र में कुछ अन्य चिकित्सकों को भी जवाबदेही के दायरे में लाते हुए शोकॉज किया गया। सूची में डॉ. अनिल कुमार ठाकुर, डॉ. वंदना कुमारी (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और डॉ. पल्लवी (स्त्री रोग विशेषज्ञ) के नाम शामिल हैं।
लगातार शोकॉज नोटिस जारी होने के बाद अस्पताल में हड़कंप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ड्यूटी रोस्टर का सख्ती से पालन हो और डॉक्टर नियमित रूप से मौजूद रहें तो मरीजों को रेफरल की मजबूरी कम होगी। अब प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि बड़हिया रेफरल अस्पताल की व्यवस्था में सुधार होगा।
कमलेश की रिपोर्ट