मोतिहारी के 7 घरों के बुझ गए चिराग: भिवाड़ी की अवैध फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, पोटलियों में सिमटे कंकाल

राजस्थान के अलवर जिले में भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से ये सभी बिहार के मोतिहारी के निवासी 7 श्रमिकों की जिंदा जलकर मौत हो गई।

Bihar Motihari  7 workers died in an illegal factory in Bhiw
मोतिहारी के 7 घरों के बुझ गए चिराग: भिवाड़ी की अवैध फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, पोटलियों में सिमट- फोटो : news 4 nation

राजस्थान के अलवर जिले में भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से 7 श्रमिकों की जिंदा जलकर मौत हो गई। शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जिस यूनिट में यह धमाका और आगजनी हुई, वह कागजों में 'वस्त्र फैक्ट्री' (Garment Factory) के रूप में पंजीकृत थी, लेकिन असल में वहां अवैध रूप से छोटे पटाखे बनाए जा रहे थे।

बिहार के मोतिहारी के रहने वाले थे मृतक

जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुष्टि की है कि जान गंवाने वाले सभी श्रमिक बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले थे। रोजी-रोटी की तलाश में राजस्थान आए इन मजदूरों को यह अंदाजा भी नहीं था कि जिस फैक्ट्री में वे काम कर रहे हैं, वह उनके लिए काल बन जाएगी। प्रशासन ने अब तक 5 मृतकों की शिनाख्त कर ली है और उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है।

नियमों की धज्जियाँ उड़ाकर चल रही थी यूनिट

कलेक्टर ने बताया कि यह कंपनी फैक्ट्री अधिनियम (Factory Act) के दायरे में भी नहीं आती थी। दरअसल, अधिनियम के तहत कवर होने के लिए कम से कम 20 श्रमिकों का होना अनिवार्य है, जबकि यहाँ रिकॉर्ड में 10 से भी कम मजदूर दिखाए गए थे। इसी कानूनी खामी का फायदा उठाकर फैक्ट्री संचालक बिना किसी सुरक्षा मानक और बिना फायर एनओसी (NOC) के अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री का काम करवा रहा था।

पोटलियों में समेटने पड़े शवों के अवशेष

हादसा इतना वीभत्स था कि आग बुझने के बाद अंदर केवल मजदूरों के कंकाल और जले हुए अवशेष ही मिले। शवों की स्थिति इतनी खराब थी कि उन्हें पहचानना नामुमकिन था, जिसके चलते बचाव कर्मियों को अवशेषों को 'पोटलियों' में समेटकर मुर्दाघर ले जाना पड़ा। मौके से एफएसएल (FSL) की टीम ने नमूने एकत्र किए हैं ताकि विस्फोट के कारणों और इस्तेमाल की गई सामग्री की सटीक जानकारी मिल सके।

फैक्ट्री संचालक फरार, मुकदमे की तैयारी

इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही फैक्ट्री संचालक मौके से फरार है। जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि रीको (RIICO) की ओर से इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल पुलिस फैक्ट्री प्रबंधक के संपर्क में है और उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया है। राज्य सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी मृतकों के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।