Motihari police corruption: मोतिहारी में रिश्वतखोरी का सनसनीखेज खेल, 25 लाख की जब्ती के बाद 35 लाख की डील का आरोप, डीजीपी के आदेश पर EOU-SIT जांच में जुटी

Motihari police corruption:बिहार पुलिस की वर्दी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ...

Bribery Racket in Motihari 25L Seizure 35L Deal Alleged Case
मोतिहारी में रिश्वतखोरी का सनसनीखेज खेल- फोटो : reporter

Motihari police corruption:बिहार पुलिस की वर्दी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मोतिहारी में 24.91 लाख रुपये की जब्ती और चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर 35 लाख रुपये की रिश्वत लेकर आरोपियों को छोड़ने का मामला सामने आने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पीड़ित पक्ष ने एक डीएसपी, दो थानेदार और दो कथित दलालों पर संगीन आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आरोप है कि 25 मई की रात चकिया टोल प्लाजा के पास एक कार से 24 लाख 91 हजार 300 रुपये के साथ दो नेपाली नागरिक समेत चार लोगों को पकड़ा गया। पीड़ित के भाई का दावा है कि गिरफ्तारी के बाद चारों को एनडीपीएस एक्ट में फंसाने की धमकी देकर तीन दिनों तक थाने में रखा गया और उन्हें छोड़ने के एवज में 35 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कथित कार्रवाई चकिया टोल प्लाजा पर हुई, लेकिन मामला करीब 33 किलोमीटर दूर तुरकौलिया थाना में दर्ज किया गया। आरोप है कि बीच में चार थानों का क्षेत्र पड़ने के बावजूद आरोपियों और जब्त रकम को तुरकौलिया थाना ले जाया गया। इतना ही नहीं, 26 मई को हुई कथित जब्ती की प्राथमिकी 28 मई को दर्ज किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद आनन-फानन में प्राथमिकी दर्ज की गई, जब्त राशि और वाहन को सीज किया गया तथा गिरफ्तार चारों लोगों को थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया गया। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर तुरकौलिया थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

पीड़ित के भाई की शिकायत पर डीजीपी के निर्देश के बाद आर्थिक अपराध इकाई और एसपी द्वारा गठित विशेष जांच दल पूरे मामले की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाल रही हैं।फिलहाल पूरे मामले ने पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और यदि किसी भी अधिकारी या कर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रिश्वत और साजिश से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार