Bihar News: छिपकली वाला खाना खाने से एक दर्जन छात्राएं बीमार, कई की हालत नाजुक, कस्तूरबा स्कूल में परोसा गया था जहरीला निवाला

Bihar News: उच्चतर +2 विद्यालय परिसर में चल रहे कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में घोर लापरवाही का मामला उजागर हुआ है।

Kasturba School 12 Students Hospitalized Due to Food Poisoni
छिपकली वाला खाना खाने से एक दर्जन छात्राएं बीमार- फोटो : reporter

Bihar News:बिहार के मोतिहारी से महकमे को शर्मसार करने वाली एक खौफनाक खबर सामने आई है। संग्रामपुर के दमड़ी असर्फी उच्चतर +2 विद्यालय परिसर में चल रहे कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में घोर लापरवाही का मामला उजागर हुआ है। हॉस्टल में रात के खाने में मरी हुई छिपकली गिरने से हड़कंप मच गया। यह विषाक्त भोजन  खाने से तकरीबन एक दर्जन मासूम छात्राएं फूड प्वाइजनिंग की शिकार हो गईं, जिनमें से चार बच्चियों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, जब रात को खाना परोसा जा रहा था, तब एक छात्रा की थाली में मरी हुई छिपकली दिखाई दी। पीड़ित छात्राओं का आरोप है कि उन्होंने फौरन इस बात की शिकायत स्कूल प्रबंधन से की, लेकिन प्रबंधन ने इस गंभीर मामले को पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया और कोई संज्ञान नहीं लिया। नतीजा यह हुआ कि जिन छात्राओं ने वह खाना खाया था, उन्हें देर रात पेट में तेज़ दर्द, उल्टी और चक्कर की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते हॉस्टल के कमरों में चीख-पुकार मच गई।

लड़कियों की बिगड़ती हालत को देख स्कूल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में सभी बीमार छात्राओं को देर रात संग्रामपुर पीएचसी  में दाखिल कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, शुरुआती इलाज के बाद चार छात्राओं की सेहत में सुधार न होने और हालत नाजुक देखने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल रवाना कर दिया गया। फिलहाल तमाम बीमार बच्चियां डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं और उनका इलाज जारी है।

इस दर्दनाक और खौफनाक वाकये की खबर मिलते ही छात्राओं के अभिभावक और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह होते ही अस्पताल और स्कूल परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने स्कूल महकमे के खिलाफ सख्त नारेबाजी करते हुए ज़िम्मेदार अफ़सरान और वार्डन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि मासूमों की ज़िदगी के साथ ऐसा खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार