जाली नोट के बड़े कारोबार का खुलासा : तकरीबन 20 लाख के नकली नोट के साथ यूपी-बिहार गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

मोतिहारी पुलिस ने जाली नोट के कारोबार का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने तकरीबन 20 लाख जाली नोट के साथ यूपी निवासी गिरोह के मास्टर माइंड को गिरफ्तार किया है.....

जाली नोट के बड़े कारोबार का खुलासा : तकरीबन 20 लाख के नकली न
जाली नोट के बड़े कारोबार का खुलासा- फोटो : हिमांशु

Motihari :  जिले की पुलिस ने जाली भारतीय मुद्रा (Fake Currency) के कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के एक शातिर कारोबारी को करीब 20 लाख रुपये के जाली नोटों के साथ दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई अरेराज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (DSP) पंकज मिश्रा के नेतृत्व में हरसिद्धि थाना पुलिस द्वारा मानिकपुर चौक के पास की गई है।


डायल-112 की सूचना पर हुई कार्रवाई, गाड़ी छोड़कर भागे तीन आरोपी

अरेराज डीएसपी पंकज मिश्र ने मीडिया के समझ पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हरसिद्धि डायल-112 को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश नंबर की एक फॉर्च्यूनर और एक नेक्सॉन कार में सवार कुछ संदिग्ध लोग मोतिहारी से अरेराज की तरफ जा रहे हैं, जो जाली नोटों की हेराफेरी से जुड़े गिरोह के सदस्य हैं। सूचना के आधार पर अरेराज डीएसपी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम और डायल-112 ने मानिकपुर चौक पर वाहन जांच शुरू की।


जांच के दौरान यूपी नंबर की एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर और उसके पीछे आ रही नेक्सॉन कार को रोका गया। पुलिस को देख नेक्सॉन कार से 3 व्यक्ति तेजी से मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति को पुलिस ने दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहित कुमार शाही, पिता: हरेराम शाही, निवासी: बरहनीगंज, थाना: बरहनीगंज, जिला: गोरखपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।


बैग से 500-500 के 40 बंडलों में मिले 19,98,500 रुपये

पकड़े गए आरोपी के पास मौजूद बैग की जब तलाशी ली गई, तो उसमें 500 रुपये के कुल 40 बंडलों में 3,997 नोट बरामद किए गए। कुल जब्ती 19,98,500 (उन्नीस लाख अठानवे हजार पाँच सौ) रुपये की है। पूछताछ के दौरान आरोपी इतनी बड़ी रकम और उसके वैध स्रोत के संबंध में कोई संतोषजनक कागजात या जवाब नहीं दे सका।


मोबाइल चैट और तस्वीरों से खुला राज, बेतिया तक जुड़े हैं तार

कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि नेक्सॉन और फॉर्च्यूनर में सवार अन्य सभी लोग गोरखपुर के ही रहने वाले हैं और एक ही गिरोह के सदस्य हैं। ये लोग मुख्य रूप से बेतिया से जाली नोटों का अवैध कारोबार संचालित करते हैं।


गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल की तकनीकी जांच करने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। फॉर्च्यूनर कार में सवार सोनू सिंह, निवासी: गोरखपुर द्वारा उसके मोबाइल पर जाली नोटों की गड्डियों की तस्वीरें भेजी गई थीं, जो देखने में बिल्कुल असली नोटों जैसी प्रतीत हो रही थीं। इसके अलावा मोबाइल के रिसाइकिल बिन से नकली करेंसी से जुड़े कई वीडियो और एक ही नंबर के पांच नोटों की तस्वीरें भी बरामद हुईं।


बेतिया में छापेमारी के दौरान जिंदा कारतूस बरामद

मोबाइल चैटिंग और फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर मोतिहारी और बेतिया जिलों में कई संभावित ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की। बेतिया में हुई छापेमारी के दौरान इस कांड में संलिप्त जाली नोट गिरोह के सक्रिय सदस्य ओशुक मिश्रा, निवासी: बेलवा, थाना: बानुछापर, जिला: पश्चिमी चंपारण के घर से 350 बोर के 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस संबंध में बानुछापर थाना में अलग से प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


छापेमारी दल में शामिल अधिकारी:

इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में अरेराज डीएसपी पंकज कुमार मिश्रा, हरसिद्धि के पर्यवेक्षी पदाधिकारी मुनीर आलम, हरसिद्धि थानाध्यक्ष पु०अ०नि० सुनील कुमार, अपर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार, पु०अ०नि० ऋतुराज जायसवाल, परि०पु०अ०नि० प्रीतम कुमार, डायल-112 के स०पु०अ०नि० ब्रह्मदेव पासवान सहित हरसिद्धि थाने के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।


हिमांशु की रिपोर्ट