Bihar News : मोतीहारी में डीएसपी और दो थानेदारों पर 35 लाख रूपये रिश्वत मांगने का लगा आरोप, EOU और SIT जांच में जुटी

Bihar News : मोतीहारी में व्यवसायी को धमकी देकर तीन दिन थाना में रखकर 35 लाख रूपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है. जिसके बाद इओयू और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है....पढ़िए आगे

Bihar News : मोतीहारी में डीएसपी और दो थानेदारों पर 35 लाख र
रिश्वत मांगने का आरोप - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : मोतीहारी पुलिस के कुछ अधिकारियों की कथित करतूत के कारण पूरा महकमा सवालों के घेरे में आ गया है। जिला के एक डीएसपी और दो थानेदारों पर एक कार से 25 लाख रुपये जब्त करने, चार व्यक्तियों को तीन दिनों तक अवैध हिरासत में रखने और उन्हें मादक पदार्थ के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 35 लाख रुपये की रिश्वत लेने का बेहद गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित के भाई द्वारा डीजीपी को आवेदन दिए जाने के बाद इस मामले में हड़कंप मच गया है। डीजीपी के कड़े निर्देश पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और मोतीहारी एसपी द्वारा गठित विशेष टीम ने दोहरी जांच शुरू कर दी है।

3 दिनों तक थाने में रखने का खेल और एसपी की फटकार

मामले के अनुसार, तुरकौलिया थाना पुलिस द्वारा 28 मई को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पटना से आ रही एक कार से करीब 25 लाख रुपये बरामद करने और दो नेपाली नागरिकों समेत आदापुर के दो लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया गया था। लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गाड़ी और रुपये 25 मई को ही चकिया थाना के टोल प्लाजा पर पकड़ लिए गए थे। तीन दिनों तक इस बात को छुपाकर रखा गया। जब मोतीहारी एसपी स्वर्ण प्रभात को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने तुरकौलिया थाना पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। एसपी की डांट के बाद आनन-फानन में 28 मई को प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें जब्ती स्थल चकिया टोल प्लाजा के बजाय तुरकौलिया थाना क्षेत्र का निमुइया दिखाया गया।

केस दबाने के लिए ₹35 लाख की 'डील' और दलालों की भूमिका

पीड़ित के भाई द्वारा डीजीपी को सौंपे गए आवेदन में डीएसपी, दो थानेदारों और दो दलालों के गठजोड़ का सनसनीखेज खुलासा किया गया है। आरोप है कि यदि 35 लाख रुपये की रिश्वत नहीं दी जाती, तो चारों बंदियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजने की धमकी दी गई थी। चर्चा है कि एक 'सहनी' और एक 'मिया' नाम के दो दलाल रात 10 बजे तक डीएसपी के साथ थाने में मौजूद थे। इस डील के तहत उगम पांडेय कॉलेज के पास एक चाय दुकान से रिश्वत की रकम ली गई और स्कार्पियो गाड़ी से डीएसपी तक पहुंचाई गई, जिसके बाद ही चारों लोगों को छोड़ा गया।

बचाव में वीडियो बनवाने की चर्चा, वैज्ञानिक जांच की मांग

जैसे ही डीजीपी के निर्देश पर दोहरी जांच (EOU और जिला पुलिस की SIT) शुरू हुई, आरोपी खेमे में खलबली मच गई। चर्चा है कि खुद को बचाने के लिए दलालों के माध्यम से रिश्वत की रकम आनन-फानन में पीड़ित को लौटा दी गई है और दबाव बनाकर उसका एक सफाई वीडियो भी रिकॉर्ड कराया गया है, जिसमें वह कह रहा है कि उसने किसी के बहकावे में आकर शिकायत की थी। हालांकि, जानकारों का कहना है कि यदि पुलिस और दलालों के मोबाइल टावर लोकेशन और चकिया से लेकर तुरकौलिया थाना मार्ग के सीसीटीवी फुटेज की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाए, तो इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश होना तय है।

दोषियों पर कड़े एक्शन की तैयारी

इस गंभीर मामले को लेकर डीजीपी बेहद सख्त हैं। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से फोन कर मोतीहारी एसपी से जांच रिपोर्ट तलब की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, निष्पक्ष और सूक्ष्म जांच के बाद विभाग के भीतर चल रहे इस बड़े खेल का पूरी तरह पटाक्षेप हो जाएगा और दोषी अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

हिमांशु की रिपोर्ट