मोतिहारी में 1 साल पुराना 'आत्महत्या' का मामला निकला निर्मम हत्या: वायरल वीडियो देख कांपी रूह! SIT गठित

मोतिहारी के संग्रामपुर में 1 साल पहले हुई नवविवाहिता मनीषा देवी की मौत का वायरल वीडियो आया सामने। हाथ-पैर बांधकर पिटाई का वीडियो देख DSP के निर्देश पर सास, ननद व देवर सहित 5 पर हत्या की FIR दर्ज, SIT गठित। तात्कालिक थानेदार पर भी जांच शुरू।

Manisha Devi murder case Motihari
मोतिहारी में वायरल वीडियो ने खोला हत्या का राज - फोटो : Reporter

बिहार के मोतिहारी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र स्थित नंदपुर परसौना गांव से एक खौफनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। करीब एक वर्ष पूर्व 2 अक्टूबर को नवविवाहिता मनीषा देवी का शव उसके बंद घर में पंखे से लटकता हुआ मिला था। उस समय परिजनों की लिखित सहमति के बाद बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव का दाह संस्कार कर दिया गया था और इसे आत्महत्या मान लिया गया था। हालांकि, अब एक साल बाद सामने आए एक सनसनीखेज वीडियो ने इस पूरे मामले से पर्दा हटा दिया है।


दिल दहलाने वाला वायरल वीडियो आया सामने

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दर्दनाक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसने मृतका के परिजनों ही नहीं बल्कि पूरे इलाके की रूह कपा दी। वीडियो में मनीषा देवी के हाथ-पैर बांधकर उसकी सास, ननद और देवर द्वारा बंद कमरे में निर्मम तरीके से पिटाई करते और हत्या अंजाम देते देखा जा सकता है। खास बात यह है कि वायरल वीडियो में मृतका जिन कपड़ों में प्रताड़ित होती दिख रही है, घटना के दिन उसी कपड़े में उसका फंदे से लटकता शव बरामद हुआ था।


परिजनों की शिकायत पर पुलिस का सख्त रुख

वीडियो सामने आने के बाद मृतका के भाई पूरण कुमार सिंह ने अरेराज के डीएसपी पंकज कुमार मिश्र से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई और उन्हें साक्ष्य के रूप में वीडियो सौंपा। डीएसपी द्वारा वीडियो की सत्यता और तथ्यों की जांच कराने के बाद दिए गए निर्देश पर संग्रामपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें मृतका के देवर रितिक कुमार, ननद नीकू कुमारी, सास किरण देवी, वीडियो बनाने वाले व्यक्ति और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति को नामजद आरोपी बनाया गया है।


आरोपियों की धरपकड़ के लिए SIT गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसपी के अनुसार, घटना के एक वर्ष बाद दर्ज हुई इस हत्या की एफआईआर के आधार पर सभी नामजद अभियुक्तों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। एसआईटी की टीम संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है ताकि आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके।


तत्कालीन थानाध्यक्ष की भूमिका भी जांच के दायरे में

इस पूरे घटनाक्रम में संग्रामपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष धीरज कुमार की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उस समय पुलिस की लापरवाही और मिलीभगत के कारण ही मामला दबा दिया गया था। एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट किया है कि तत्कालीन थानेदार पर लगे आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है और जांच में संलिप्तता या लापरवाही साबित होने पर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

मोतिहारी से हिमांशु की रिपोर्ट