Motihari News: सांसें थमने लगीं पर नहीं खुली अस्पताल के ऑक्सीजन रूम की चाबी, तड़प-तड़प कर मौत,भड़के परिजन
मोतीहारी के पताही सीएचसी में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। सांस लेने में तकलीफ के बाद पहुंचे 72 वर्षीय बुजुर्ग को डॉक्टर ने ऑक्सीजन तो लिखी, लेकिन ऑक्सीजन रूम में ताला लटका था! समय पर ऑक्सीजन न मिलने से बुजुर्ग की मौत हो गई।
बिहार के मोतीहारी में स्वास्थ्य विभाग के बेहतर सुविधाओं के दावों की एक बार फिर पोल खुल गई है। मामला पताही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का है, जहाँ इलाज के लिए आए एक 72 वर्षीय बुजुर्ग की ऑक्सीजन न मिलने के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान पताही पूर्वी पंचायत के बैजू राउत के रूप में हुई है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्थाओं से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और प्रबंधन के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।
सांस की तकलीफ पर डॉक्टर ने लिखा ऑक्सीजन, पर जेई वार्ड में लटका था ताला
परिजनों के अनुसार, बैजू राउत को अचानक सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने के बाद तुरंत अस्पताल लाया गया था। मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने फौरन ऑक्सीजन लगाने की सलाह दी। लेकिन जब परिजन ऑक्सीजन लेने दौड़े, तो अस्पताल के जेई (JE) वार्ड में ताला लटका मिला। जिम्मेदार कर्मियों की लापरवाही और समय पर चाबी न मिलने के कारण बुजुर्ग को ऑक्सीजन नहीं दी जा सकी, जिससे तड़प-तड़प कर उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
शव को गेट पर रख परिजनों का प्रदर्शन, कचरे में फेंकी जाती हैं जीवन रक्षक दवाएं
मरीज की मौत से गुस्साए परिजनों ने शव को अस्पताल के मुख्य गेट पर रखकर घंटों प्रदर्शन किया और दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। इस दौरान स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों को न तो दवाएं मिलती हैं और न ही ऑक्सीजन, जबकि लाखों रुपये की जीवन रक्षक दवाएं कचरे में फेंक दी जाती हैं। कुछ महीने पहले भी तत्कालीन अस्पताल प्रभारी के कमरे से भारी मात्रा में दवाएं कचरे में मिली थीं, जिसे विभागीय स्तर पर दबा दिया गया था।
पुलिस और जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद शांत हुआ हंगामा
अस्पताल में बढ़ते हंगामे और तनाव को देखते हुए पताही थाना पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधि तुरंत मौके पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग के वरीय अधिकारियों से फोन पर बात की और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस और जनप्रतिनिधियों के अथक प्रयास तथा न्याय के ठोस आश्वासन के बाद, परिजन आखिरकार शांत हुए और शव को लेकर अस्पताल से घर वापस गए।
रिपोर्ट - हिमांशु