Bihar News : मोतीहारी पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनानेवाले गिरोह का किया भंडाफोड़, 2 साइबर कैफे संचालकों रंगे हाथ किया गिरफ्तार

Bihar News : मोतीहारी पुलिस ने साइबर कैफे में 300 से 1000 रुपया में फर्जी आधार कार्ड बनाने का खुलासा किया है. वहीँ फर्जी आधार कार्ड बनाते दो संचालक को गिरफ्तार किया है.....पढ़िए आगे

Bihar News : मोतीहारी पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनानेवाले गि
फर्जी आधार कार्ड पर शिकंजा - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : मोतीहारी पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने भारत-नेपाल सीमा से सटे आदापुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो साइबर कैफे संचालकों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर कैफे में फर्जी तरीके से भारतीय और नेपाली नागरिकों के आधार कार्ड तैयार कर रहे थे। पुलिस ने मौके से कई फर्जी आधार कार्ड, अवैध एप्लिकेशन और तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं।

मोतीहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि सीमावर्ती इलाकों में फर्जी आधार कार्ड सिंडिकेट के सक्रिय होने की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इन सूचनाओं के आधार पर आदापुर थाना पुलिस और एसएसबी की एक विशेष टीम गठित कर त्वरित छापेमारी की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी साइबर कैफे के जरिए काफी समय से यह अवैध धंधा चला रहे थे, जिसकी जांच की जा रही थी।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने विशुनपुरवा स्थित 'चौरसिया ऑनलाइन' से राम विनय चौरसिया (पिता- प्रेम प्रसाद) को गिरफ्तार किया। वह 'डी प्रिंट पोर्टल' नामक एप्लिकेशन का उपयोग करके नेपाली और भारतीय नागरिकों का जाली आधार कार्ड बनाता था। इसके अलावा, आदापुर मार्केट स्थित 'वर्षा कंप्यूटर' दुकान से भी दूसरे संचालक को गिरफ्तार किया गया। वर्षा कंप्यूटर में किसी अन्य व्यक्ति के आधार कार्ड में किसी अन्य की तस्वीर बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का खेल पकड़ा गया।

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी प्रति फर्जी आधार कार्ड बनाने के लिए लोगों से 300 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक वसूलते थे। आधार कार्ड में नाम, पता और फोटो बदलने के इस पूरे नेटवर्क के तार साइबर अपराधियों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस सिंडिकेट के पीछे छिपे अन्य मुख्य सरगनाओं का भी पता लगाया जा सके।

भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में फर्जी आधार कार्ड का निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच में जुटी हैं कि क्या इन फर्जी आधार कार्डों का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों या अवैध घुसपैठ में किया गया है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेज बनाने और इसमें संलिप्त साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

हिमांशु की रिपोर्ट