मोतीहारी एसपी का बड़ा एक्शन: ठेले पर शव भेजने वाले रघुनाथपुर थाना के दरोगा निलंबित, थानाध्यक्ष से जवाब तलब

मोतीहारी में सड़क हादसे के बाद शव को ठेले पर लादकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने के मामले में एसपी स्वर्ण प्रभात ने बड़ी कार्रवाई की है। रघुनाथपुर थाना के दरोगा अंबिका प्रसाद यादव को निलंबित कर थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

Motihari sp action sub inspector suspended
ठेले पर शव भेजने वाले रघुनाथपुर थाना के दरोगा निलंबित, थानाध्यक्ष से जवाब तलब- फोटो : Reporter

मोतीहारी जिले में पुलिस की असंवेदनशीलता पर एसपी स्वर्ण प्रभात ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। सड़क हादसे में मृत युवक के शव को एम्बुलेंस या शव वाहन के बजाय ठेले पर लादकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने के मामले में रघुनाथपुर थाना के दरोगा (एसआई) अंबिका प्रसाद यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस शर्मनाक घटना से पुलिस महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।

सड़क हादसे के बाद ठेले पर लादा शव, परिजनों व ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

यह पूरा मामला रघुनाथपुर बस स्टैंड के पास हुई एक दर्दनाक दुर्घटना से जुड़ा है, जहां बस की ठोकर से एक बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने संवेदनहीनता की हद पार करते हुए पार्थिव शरीर को ठेले पर लोड कर अस्पताल भेज दिया। पुलिस के इस रवैये को देखकर मृतक के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा, जिससे मौके पर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और विधि-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति बन गई।

डीएसपी की जांच रिपोर्ट में खुली पोल, गश्ती दल और थानाध्यक्ष पाए गए दोषी

बवाल की सूचना मिलते ही सदर-1 डीएसपी मोतिहारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और किसी तरह आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। मामले की शुरुआती जांच में डीएसपी ने गश्ती वाहन पर तैनात दरोगा अंबिका प्रसाद यादव और रघुनाथपुर थानाध्यक्ष की घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और मनमानेपन को उजागर किया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट पाया गया कि पुलिसकर्मियों के इसी अमानवीय कृत्य के कारण मौके पर जनाक्रोश पनपा और पुलिस प्रशासन की छवि धूमिल हुई।

एसपी स्वर्ण प्रभात का सख्त रुख, थानाध्यक्ष से भी मांगा गया स्पष्टीकरण

मोतीहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने दरोगा के कृत्य को अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता और पुलिस महकमे की साख को ठेस पहुंचाने वाला माना। उन्होंने प्रशासनिक नियंत्रण के तहत पु०अ०नि० अंबिका प्रसाद यादव (585) को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही, पूरे मामले में पर्यवेक्षण और मॉनिटरिंग में विफल रहने पर रघुनाथपुर थानाध्यक्ष के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए उनसे कारण बताओ नोटिस (स्पष्टीकरण) जारी कर जवाब तलब किया गया है।

पुलिस की असंवेदनशीलता पर उठे सवाल, उठ रही सख्त कार्रवाई की मांग

थाना पुलिस द्वारा शव के प्रति दिखाई गई इस घोर असंवेदनशीलता ने एक बार फिर स्थानीय पुलिसिंग पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। जिले के आलाधिकारियों का कहना है कि पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आम जनता के प्रति मानवीय संवेदनाएं रखना भी है। एसपी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है, वहीं स्थानीय लोग मामले में दोषी अन्य कर्मियों पर भी कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

मोतिहारी से हिमांशु की रिपोर्ट