राशि के अभाव में आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषाहार पर संकट, 7 लाख लाभार्थियों पर पड़ेगा सीधा असर

पूर्वी चम्पारण जिले के करीब छह हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर जून महीने में मिलने वाले 'टेक होम राशन' पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। फंड के अभाव के कारण इस महीने जिले की 28 बाल विकास परियोजनाओं से जुड़े लगभग 7 लाख लाभार्थियों पोषाहार मिलने पर संशय बन गय

राशि के अभाव में आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषाहार पर संकट, 7 ला
राशि के अभाव में आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषाहार पर संकट- फोटो : हिमांशु

Motihari : पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) जिले के करीब छह हजार आंगनबाड़ी केंद्रों पर जून माह में नौनिहालों, गर्भवती और प्रसूति (धात्री) महिलाओं को मिलने वाले टेक होम राशन (THR) पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। विभाग के पास पोषाहार वितरण के लिए राशि (फंड) की भारी कमी हो गई है, जिसके कारण इस महीने राशन का वितरण होना नामुमकिन के बराबर लग रहा है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अब जून और जुलाई माह का पोषाहार लाभार्थियों को एक साथ (कंबाइंड) वितरित किए जाने की योजना है।


जिले के 7 लाख लाभार्थियों के पोषण पर संशय

गौरतलब है कि जिले के 28 बाल विकास परियोजनाओं में आंगनबाड़ी सेवाओं के तहत लगभग 5.50 लाख बच्चे, 60 हजार गर्भवती महिलाएं और 70 हजार धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं। इन सभी को पूरक पोषण उपलब्ध कराने के लिए टेक होम राशन योजना संचालित की जाती है। राशि नहीं मिलने से करीब सात लाख लाभार्थियों को समय पर पोषाहार मिलने पर संशय बना हुआ है।


कुपोषण के खिलाफ जंग पर पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव

आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों में कुपोषण की रोकथाम और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से हर महीने नियमित रूप से पोषाहार का वितरण किया जाता है। जून माह का वितरण पूरी तरह लंबित रहने से बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं के पोषण स्तर पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। जानकारों का मानना है कि समय पर पोषाहार न मिलने से कुपोषण के खिलाफ चल रहे सरकारी अभियानों को झटका लग सकता है।


क्या कहती हैं जिम्मेदार अधिकारी?

इस पूरे मामले पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO, ICDS) निधि कुमारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि "जून माह के लिए पोषाहार राशि का आवंटन (फंड) अभी तक मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुआ है। बजट के अभाव के कारण इस महीने समय पर पोषाहार वितरण होने की संभावना काफी कम है। आवंटन आते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।"


हिमांशु की रिपोर्ट