Bihar News : मोतिहारी अंचल कार्यालय में बड़ा खेल, DCLR कोर्ट का फर्जी आदेश लगा करा लिया दो जमीनों का दाखिल-खारिज, CO पर होगी कार्रवाई

मोतीहारी में दलाल,भूमाफिया व अंचल कार्यलय के गठजोड़ का कारनामा सुनकर आप दंग रह जाएंगे. जहाँ DCLR कोर्ट का फर्जी आदेश लगा कर दो जमीनों का दाखिल-खारिज करा लिया गया.....पढ़िए आगे

Bihar News : मोतिहारी अंचल कार्यालय में बड़ा खेल, DCLR कोर्ट
मोतिहारी में फर्जीवाड़ा - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : बिहार सरकार भले ही भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का दावा करती रहे, लेकिन मोतिहारी सदर अंचल कार्यालय से एक ऐसा चौंकाने वाला कारनामा सामने आया है जिसे सुनकर वरिष्ठ अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई है। अंचल में सक्रिय दलालों और बिचौलियों की सेटिंग इतनी तगड़ी थी कि उन्होंने सीधे भूमि सुधार उप समाहर्ता कोर्ट का हूबहू फर्जी आदेश तैयार किया और अंचल कार्यालय से दो जमीनों का दाखिल-खारिज भी करवा लिया। सदर डीसीएलआर प्रीति सिंह के औचक निरीक्षण में इस बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है।

सदर DCLR प्रीति सिंह के निरीक्षण में पकड़ा गया खेल, स्कैन कर बनाए गए थे नकली दस्तावेज

सदर डीसीएलआर प्रीति सिंह जब मोतिहारी सदर अंचल कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचीं, तो दाखिल-खारिज से जुड़े दस्तावेजों की स्क्रूटनी के दौरान यह भारी फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज के लिए डीसीएलआर कोर्ट के जिन आदेशों की कॉपियां लगाई गई थीं, वे पूरी तरह फर्जी थीं और उन्हें शातिर तरीके से स्कैन करके तैयार किया गया था। सबसे गंभीर बात यह रही कि सदर अंचल के अंचलाधिकारी ने ऑनलाइन पोर्टल पर इन संवेदनशील अदालती आदेशों का कड़ा सत्यापन करना भी जरूरी नहीं समझा और आंख मूंदकर म्यूटेशन को मंजूरी दे दी।

सरकारी अभिलेखों के साथ हुई भारी छेड़छाड़

जांच के दौरान जब तकनीकी डेटा और केस डायरी का मिलान किया गया, तो पता चला कि जालसाजों ने न्यायालय, भूमि सुधार उप समाहर्ता, सदर मोतिहारी के नाम पर फर्जी दाखिल-खारिज अपील वाद संख्या 788/2023-24 एवं 789/2023-24 को ऑनलाइन सिस्टम पर अपलोड किया था। वास्तव में इस केस नंबर के तहत कोई दूसरी जमीन और दूसरा परिवादी दर्ज था। जांच में यह साफ हो गया कि भू-माफियाओं ने सरकारी आदेशों, न्यायालयीय अभिलेखों तथा सक्षम अधिकारियों के हस्ताक्षरों की हूबहू नकली प्रतियां तैयार कर सरकारी रिकॉर्ड और राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ की है।

दलाल और आवेदकों पर एफआईआर दर्ज

डीसीएलआर प्रीति सिंह ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने केवल जालसाजी ही नहीं, बल्कि इसे सरकारी तंत्र को हैक करने वाले एक संगठित अपराध और सूचना प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग का मामला माना है। डीसीएलआर के निर्देश पर इस पूरे फर्जीवाड़े के मुख्य सूत्रधार दलालों, बिचौलियों और संबंधित आवेदकों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए छतौनी थाना में लिखित आवेदन दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया से जुड़े कंप्यूटर ऑपरेटरों और बिचौलियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

CO के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग को पत्र, व्यापक जांच से खुलेंगे और कई दफन राज

विभागीय कड़ा रुख: इस शर्मनाक लापरवाही और संदिग्ध संलिप्तता को लेकर सदर अंचल के सीओ पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। डीसीएलआर ने सीओ के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को आधिकारिक पत्र भेज दिया है। स्थानीय हलकों में चर्चा है कि यदि मोतिहारी अंचल में पिछले एक वर्ष के दौरान हुए सभी दाखिल-खारिज मामलों की किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्च स्तरीय टीम से सूक्ष्मता से जांच कराई जाए, तो ऐसे कई और बड़े फर्जीवाड़े और जमीनों की अवैध हेरफेर के मामले बेनकाब हो सकते हैं।

मोतिहारी से हिमांशु की रिपोर्ट