घर के पास मिला 5 फीट लंबा गेहुअन सांप और उसके 17 बच्चे : इलाके में हड़कंप, स्नेक रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा
मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड के बड़ैलबासा गांव में एक घर के नजदीक एक विशालकाय सांप को देखा। ग्रामीणों ने तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दी। रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच उस विशालकाय सांप के साथ-साथ उसके 17 बच्चों को सुरक्षित निकाल जंगल में छोड़
Munger : जिले के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत दक्षिण पंचायत के बड़ैलबासा गांव में उस समय अचानक अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने एक घर के नजदीक रेंगते हुए एक विशालकाय सांप को देखा। करीब पांच फीट लंबा यह सांप कोई साधारण जीव नहीं, बल्कि बेहद जहरीला 'गेहुअन' (कोबरा) सांप था। रिहायशी इलाके में इतने खतरनाक सांप को देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए और पूरे गांव में डर का माहौल बन गया।
जमालपुर की स्नेक रेस्क्यू टीम ने संभाला मोर्चा
सांप दिखने के तुरंत बाद ग्रामीणों ने समझदारी दिखाई और इसकी सूचना तत्काल जमालपुर की स्नेक रेस्क्यू टीम को दी। सूचना मिलते ही स्नेक रेस्क्यू टीम के अनुभवी सदस्य करण पाल अपनी टीम के साथ बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले ग्रामीणों को सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी और खुद रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मुस्तैद हो गए।
मलबे के नीचे छिपे थे गेहुअन के 17 बच्चे
रेस्क्यू टीम ने जब स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घर के पास जमा मलबे को धीरे-धीरे हटाना शुरू किया, तो वहां का नजारा देखकर सब दंग रह गए। मलबे के नीचे न सिर्फ वह पांच फीट लंबा जहरीला गेहुअन सांप बैठा था, बल्कि उसके साथ उसके 17 छोटे-छोटे बच्चे भी मौजूद थे। एक साथ इतने सारे सांपों को देखकर मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं।
सावधानीपूर्वक सुरक्षित किया गया रेस्क्यू
मलबे से बाहर निकलते ही बड़ा सांप और उसके सभी बच्चे खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागने का प्रयास करने लगे। स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन रेस्क्यू टीम के करण पाल और उनके साथियों ने बेहद सावधानी और सूझबूझ का परिचय दिया। टीम ने बिना किसी सांप को नुकसान पहुंचाए, एक-एक करके सभी 17 बच्चों और बड़े गेहुअन सांप को सुरक्षित पकड़ लिया।
सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
सफलतापूर्वक पकड़े जाने के बाद रेस्क्यू टीम ने बड़े सांप और उसके सभी बच्चों को सुरक्षित बोरों में बंद किया। इसके बाद टीम उन्हें आबादी वाले इलाके से दूर घने जंगलों में ले गई, जहां सभी को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बड़ैलबासा गांव के लोगों ने राहत की सांस ली और स्नेक रेस्क्यू टीम के इस साहसिक कार्य की जमकर सराहना की।
इम्तियाज की रिपोर्ट