मुंगेर में तेल संकट से हाहाकार, पेट्रोल पंप पड़े सूने, लंबी कतारों में संकट से जूझ रही जनता

Bihar Fuel Crisis: पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।...

Fuel Crisis in Munger Pumps Dry Long Queues Hit Public
पेट्रोल-डीजल संकट से हाहाकार- फोटो : reporter

Bihar Fuel Crisis: बिहार के मुंगेर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने स्थानीय निज़ाम और आपूर्ति व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिला मुख्यालय मुंगेर से लेकर तारापुर तक कई पेट्रोल पंप सूने पड़े हैं कहीं नो पेट्रोल का बोर्ड लटका है, तो कहीं लंबी कतारों में खड़े लोग बेबस नजर आ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि पिछले चार से पांच दिनों से डिपो से तेल के टैंकर नहीं पहुंचे हैं, जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। तारापुर के गाजीपुर इंडियन ऑयल पंप, बिहमा के एचपी पंप और रामपुर पेट्रोल पंप समेत कई जगहों पर सप्लाई पूरी तरह ठप है। पंप कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक टैंकर नहीं आएंगे, तब तक वे तेल देने में असमर्थ हैं यानी पूरा सिस्टम एक ही कड़ी पर आकर अटक गया है।

इस संकट ने सबसे ज्यादा मार आम अवाम पर डाली है। रोजमर्रा के कामकाज से लेकर छोटे कारोबार तक सब कुछ प्रभावित हो रहा है। ऑटो चालकों, छोटे व्यापारियों और मजदूर वर्ग के लिए यह स्थिति किसी आर्थिक आपातकाल से कम नहीं है। लोग पेट्रोल लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं यह नजारा न सिर्फ परेशानी, बल्कि सिस्टम की नाकामी का आईना भी बन गया है।

इस पूरे मसले को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे रहस्य और गहरा हो गया है। कुछ लोग इस संकट को अंतरराष्ट्रीय हालात से जोड़कर देख रहे हैं ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर तेल सप्लाई पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इसकी कोई पुख्ता तस्दीक अभी नहीं हुई है।

सवाल यह है कि अगर यह सिर्फ सप्लाई चेन की रुकावट है, तो इसे दुरुस्त करने में इतनी देर क्यों? और अगर इसके पीछे कोई बड़ा वैश्विक या प्रशासनिक कारण है, तो अवाम को अंधेरे में क्यों रखा जा रहा है? फिलहाल, पंप संचालक जल्द टैंकर आने का भरोसा दे रहे हैं, लेकिन जब तक आपूर्ति सामान्य नहीं होती, मुंगेर में यह ‘तेल संकट’ लोगों की मुश्किलों को और बढ़ाता रहेगा। अब नजरें प्रशासन पर टिकी हैं क्या यह संकट जल्द खत्म होगा, या फिर यह तंगी और गहराएगी?

रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान