Bihar News : मुंगेर में बड़ा एक्शन, सेना के जवान की जमीन से हटा अवैध कब्जा, जिला प्रशासन ने चलाया बुलडोजर
Bihar News : मुंगेर में जिला प्रशासन ने एक सेना के जवान के भूमि विवाद का समाधान करते हुए उसकी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा दिया.............पढ़िए आगे
MUNGER : बिहार के मुंगेर जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देश की सेवा में तैनात सेना के जवान की जमीन को सालों पुराने अवैध कब्जे से मुक्त करा दिया है। यह मामला सदर अंचल क्षेत्र के नौवागढ़ी-बासुदेवपुर चंडीस्थान टोला का है, जहाँ लंबे समय से भूमि विवाद चल रहा था। प्रशासन ने मौके पर बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया और जमीन का वास्तविक मालिकाना हक फौजी को सौंप दिया। इस त्वरित कार्रवाई को सरकार के उस संकल्प से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें सैनिकों और पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
भूमि विवाद निराकरण वाद संख्या 07/2023-24 में पारित आदेश के अनुपालन के तहत यह पूरी कार्रवाई सुनिश्चित की गई। सदर अंचल अधिकारी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम, दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी सहित भारी संख्या में महिला और पुरुष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। इसके बाद बिना किसी देरी के विवादित भूमि पर से अवैध कब्जा हटाने का काम शुरू किया गया। प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बुलडोजर की मदद से वहां किए गए निर्माण और अतिक्रमण को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवादित जमीन सेना के जवान प्रेमकुमार की है, जिस पर भू-माफियाओं और स्थानीय दबंगों द्वारा लंबे समय से अवैध कब्जा जमाया गया था। यह मामला लंबे समय तक न्यायालय और प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रियाधीन रहा। आखिरकार, कोर्ट का फैसला फौजी के पक्ष में आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाई। न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन करते हुए प्रशासनिक अमले ने कब्जाधारियों को खदेड़ दिया और जमीन की नापी कराकर उसका वास्तविक कब्जा देश के रक्षक को सौंप दिया।
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध या हंगामे से निपटने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून और न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वैध भू-स्वामी को उसका अधिकार दिलाना था, जिसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस कार्रवाई से इलाके के भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
"देश की सुरक्षा में चौबीसों घंटे तैनात रहने वाले सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों तथा पूर्व सैनिकों के अधिकारों की रक्षा करना शासन और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।" प्रशासन की इस कार्रवाई ने यह साफ संदेश दिया है कि सरकार जवानों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अपनी पैतृक जमीन वापस पाने के बाद सेना के जवान प्रेमकुमार के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती थी। उन्होंने त्वरित न्याय और इस साहसिक कदम के लिए मुंगेर जिला प्रशासन और पुलिस टीम का सहृदय धन्यवाद किया है।
इम्तियाज़ की रिपोर्ट