Bihar love triangle case: बीवी, शौहर और पुराना आशिक आमने-सामने, पति और प्यार के बीच जमकर हुआ जूतम पैजार, कोर्ट परिसर बना इश्क का रणक्षेत्र

Bihar love triangle case: शौहर और आशिक के बीच लफ्जों की जंग छिड़ गई इल्ज़ाम,तंज़ और तल्ख़ी सब कुछ खुलेआम। प्रेमी अपनी मोहब्बत को हक बता रहा है कहता है कि सुनीता उससे पहले से प्यार करती थी और...

Love Triangle Clash in Court Husband and Lover Come to Blows
कोर्ट के बाहर मोहब्बत का मुकदमा- फोटो : X

Bihar love triangle case: एक तरफ शौहर,दूसरी तरफ बीवी और तीसरी तरफ पुराना आशिक तीनों आमने-सामने और बीच में पांच साल का मासूम, जो शायद खुद समझ नहीं पा रहा था कि उसका कसूर क्या है।मुंगेर कोर्ट परिसर के बाहर किला इलाके में जो मंजर देखने को मिला, वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था फर्क बस इतना था कि यहां कैमरा नहीं, बल्कि हकीकत चल रही थी।

कहानी मुंगेर के असरगंज थाना क्षेत्र के सजुआ गांव से शुरू होती है, जहां गुड्डू कुमार नाम का शख्स अपनी बीवी सुनीता देवी के साथ जिंदगी की गाड़ी खींच रहा था। मगर 6 मार्च को बीवी साहिबा अपने बेटे के साथ ऐसे रुख्सत हुईं, जैसे कोई फिल्म का क्लाइमैक्स हो बिना कोई सूचने के अलविदा कह कर गईं। बेचारा शौहर 7 मार्च को थाने की चौखट पर दस्तक देता है, इंसाफ की गुहार लगाता है।

इधर किस्मत का खेल देखिए गुड्डू को खबर मिलती है कि उसकी बीवी अपने पहले प्यार मंतोष कुमार के साथ दिल्ली में इश्क फरमा रही है, और 23 मार्च को कोर्ट में पेशी के लिए मुंगेर आने वाली है। बस फिर क्या था, शौहर साहब भी अदालत पहुंच गए शायद मोहब्बत की कोई आखिरी अपील लेकर।

कोर्ट में मुलाकात हुई, मगर बीवी का अंदाज ऐसा कि जैसे कोई अजनबी हो। बात करना तो दूर, उन्होंने ये तक कह दिया कि बच्चा भी साथ नहीं है। अब इसे इत्तेफाक कहें या अदाकारी गुड्डू ने कोर्ट के बाहर तलाश शुरू की और किला इलाके के एक कोने में हकीकत मिल ही गई। वहां मंतोष कुमार मासूम बच्चे को गोद में लेकर ऐसे छिपे थे, जैसे कोई राज छुपा रहे हों।

इसके बाद जो हुआ वो किसी लाइव ड्रामा से कम नहीं था। शौहर और आशिक़ के बीच लफ्जों की जंग छिड़ गई इल्ज़ाम, तंज़ और तल्ख़ी सब कुछ खुलेआम। भीड़ भी जुट गई, जैसे कोई मुफ्त का तमाशा हो। आशिक बच्चा देने को तैयार नहीं, और बाप अपने बेटे को पाने के लिए बेताब। गुड्डू का कहना है कि शादी 2017 में हुई थी और तब से ही इस पुराने इश्क का साया उनके रिश्ते पर मंडरा रहा था। वहीं मंतोष अपनी मोहब्बत को हक बता रहा है कहता है कि सुनीता उससे पहले से प्यार करती थी और दिल्ली में मंदिर में शादी भी कर ली।

इस पूरे खेल में सबसे ज्यादा परेशान वो मासूम रहा, जो अपने बाप के सामने होते हुए भी उससे दूर था। आखिरकार, काफी हंगामे के बाद बाप अपने बेटे को साथ ले जाने में कामयाब रहा, जबकि बीवी अपने मायके की राह पकड़ ली। अब सवाल ये है क्या मोहब्बत वाकई इतनी आज़ाद है कि रिश्तों की सारी हदें पार कर दे? या फिर ये सिर्फ एक ऐसा अफसाना है, जहां हर किरदार अपनी-अपनी दलील में खुद को सही साबित करने में लगा है। फिलहाल, अदालत के बाहर लगा ये इश्क़ का दरबार लोगों के लिए चर्चा का नया मुद्दा जरूर बन गया है।

रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान