मुंगेर व्यवहार न्यायालय का बड़ा फैसला: संपत्ति विवाद में भाई की हत्या के जुर्म में पति-पत्नी को उम्रकैद
Munger : मुंगेर व्यवहार न्यायालय के माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) रविन्द्र कुमार सिंह की अदालत ने एक सनसनीखेज हत्या मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायालय ने जमीन-जायदाद के विवाद में हुई हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पति-पत्नी को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जायदाद के बंटवारे को लेकर हुआ था विवाद
यह पूरा मामला मुंगेर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत सुजावलपुर गांव से जुड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में जायदाद के बंटवारे को लेकर भाइयों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक कलह के दौरान बात इतनी बढ़ गई कि एक भाई ने दूसरे भाई की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी।
पुलिस की जांच और अदालती प्रक्रिया
घटना के बाद मुफस्सिल थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया था और मामले की गहनता से जांच की। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया। इसके बाद न्यायालय में मामले की नियमित सुनवाई शुरू हुई, जहां दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं।
दो साल बाद आया कोर्ट का अंतिम फैसला
लगभग दो सालों तक चली अदालती प्रक्रिया और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को हत्या का कसूरवार पाया। दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय रविन्द्र कुमार सिंह की कोर्ट ने पति-पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाकर मामले का पटाक्षेप कर दिया।
न्याय की जीत पर परिजनों में संतोष
हत्या के दो साल बाद आए इस फैसले का स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने स्वागत किया है। अदालत के इस कड़े रुख से कानून के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। वहीं, क्षेत्र में इस बात की चर्चा है कि पारिवारिक विवादों का अंत कभी भी हिंसा के रूप में नहीं होना चाहिए।
इम्तियाज की रिपोर्ट