Bihar News: नक्सलियों के गढ़ में पहली बार पहुंची सरकारी बस, जिला मुख्यालय से जंगल के गांव सीधे जुड़े

Bihar News:कभी नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले नक्सल प्रभावित भीम बांध में पहली बार सरकारी बस सेवा की शुरुआत की गई है।

Bihar News: नक्सलियों के गढ़ में पहली बार पहुंची सरकारी बस,
नक्सलियों के गढ़ में सरकारी बस- फोटो : SOCIAL MEDIA

Munger: परिवहन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से एक ऐतिहासिक और सकारात्मक पहल सामने आई है। कभी नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले नक्सल प्रभावित भीम बांध में पहली बार सरकारी बस सेवा की शुरुआत की गई है। यह वही इलाका है, जहां कल तक आम लोगों की आवाजाही भी खतरे से खाली नहीं मानी जाती थी, लेकिन अब विकास की गाड़ी वहां रफ्तार पकड़ चुकी है।

मुंगेर जिला अंतर्गत खड़गपुर अनुमंडल क्षेत्र का भीम बांध जंगल लंबे समय तक नक्सल प्रभाव में रहा। नक्सली गतिविधियों के कारण यह क्षेत्र मुख्यालय और विकास से कोसों दूर था। लेकिन बिहार सरकार द्वारा लगातार चलाए गए नक्सल विरोधी अभियानों, युवाओं को मुख्यधारा में लाने की योजनाओं, आदिवासी-जनजातीय गांवों में विकास कार्य, सड़क नेटवर्क का विस्तार और जंगलों में पुलिस कैंप की स्थापना से हालात पूरी तरह बदल गए। नतीजा यह हुआ कि नक्सलियों के पांव उखड़ते चले गए और आज स्थिति यह है कि एक-दो को छोड़कर इस इलाके में नक्सली नाममात्र भी नहीं बचे हैं। हालांकि, एक बड़ी कमी अब तक बनी हुई थी बस सेवा का अभाव। सुदूर जंगल और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को इलाज, प्रशासनिक कार्य या अन्य जरूरी कामों के लिए 10 से 15 किलोमीटर पैदल चलकर जमुई-खड़गपुर मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ता था।

अब यह परेशानी भी बीते दिनों की बात हो गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रयास से जहां भीम बांध को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी हो रही है, वहीं स्थानीय भाजपा विधायक कुमार प्रणय की मांग पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने मुंगेर बस स्टैंड से भीम बांध के लिए नियमित बस सेवा शुरू कर दी है। यह बस प्रतिदिन सुबह 7 बजे मुंगेर से भीम बांध के लिए रवाना होगी, जबकि दोपहर 2 बजे भीम बांध से वापसी करेगी। इस सेवा के शुरू होते ही जंगलों में बसे गांवों के लोग सीधे अपने गांव के पास से ही बस पकड़ सकेंगे।

बस सेवा की शुरुआत से ग्रामीणों में खुशी और उत्साह साफ नजर आया। लोगों का कहना है कि अब इलाज, शिक्षा, प्रशासनिक काम और बाजार तक पहुंचना काफी आसान हो गया है। भीम बांध के लिए यह बस सेवा सिर्फ एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि नक्सल अतीत से विकास के भविष्य की ओर बढ़ता मजबूत कदम साबित हो रही है।

रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान