मुंगेर के 23 मॉडल स्कूलों का अधिकारियों ने किया निरीक्षण, डीएम ने तारापुर के लोना हाई स्कूल पहुंच छात्रों से लिया फीडबैक
मुंगेर जिले में तैयार किए गए 23 मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक संसाधनों और डिजिटल पढ़ाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में डीएम के निर्देश पर जिले के सभी 23 मॉडल स्कूलों का अधिकारियों द्वारा व्यापक निरीक्षण किया गया....
Munger : बिहार के सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे और शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की पहल का असर अब धरातल पर नजर आने लगा है। मुंगेर जिले में तैयार किए गए 23 मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक संसाधनों और डिजिटल पढ़ाई पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणिकार के निर्देश पर जिले के सभी 23 मॉडल स्कूलों का अधिकारियों द्वारा व्यापक निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने स्कूलों में जारी शैक्षणिक गतिविधियों और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया।
डीएम ने तारापुर के लोना हाई स्कूल को किया एडॉप्ट, पेरेंट्स मीटिंग में लिया फीडबैक
मुंगेर जिले में मॉडल स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न अधिकारियों ने स्कूलों को गोद (एडॉप्ट) लिया है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणिकार ने तारापुर स्थित प्लस टू हाई स्कूल लोना को स्वयं गोद लिया है। निरीक्षण के क्रम में डीएम सीधे स्कूल पहुंचे और छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद कर उनकी जरूरतों और बदलावों को समझा। इसके साथ ही स्कूलों में आयोजित पेरेंट्स मीटिंग के दौरान अभिभावकों से भी बातचीत कर विद्यालय में आए सुधारात्मक बदलावों पर उनकी राय ली गई।
'बिहार विद्या साथी' प्लेटफॉर्म से 24x7 मिल रही ऑनलाइन शिक्षक सहायता
निरीक्षण के दौरान छात्रों ने डिजिटल शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं को लेकर बेहद सकारात्मक फीडबैक दिया। विद्यार्थियों ने बताया कि 'बिहार विद्या साथी' जैसे 24×7 डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत से उन्हें पढ़ाई में काफी मदद मिल रही है। पहले किसी सवाल या विषय में डाउट होने पर अगले दिन स्कूल में शिक्षक से पूछने का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से छात्र घर बैठे किसी भी समय शिक्षकों से मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री की पहल के तहत मॉडल स्कूलों के सशक्तिकरण पर जोर: जिलाधिकारी
छात्रों और शिक्षकों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल के तहत स्थापित इन मॉडल स्कूलों को और अधिक सुदृढ़ एवं उत्कृष्ट बनाना प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉडल स्कूलों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने और कमियों को दूर करने में विद्यार्थियों का सीधा फीडबैक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अधिकारियों द्वारा लगातार की जा रही मॉनिटरिंग से स्कूलों के पठन-पाठन और प्रशासनिक माहौल में बड़ा सुधार देखा जा रहा है।
स्मार्ट क्लास और डिजिटल सुविधाओं से बदल रही सरकारी स्कूलों की तस्वीर
जिस सरकारी स्कूली व्यवस्था में कभी बुनियादी संसाधनों और सुविधाओं की कमी की शिकायतें आम थीं, वहां अब स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई का नया दौर शुरू हो चुका है। मुंगेर में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा स्कूलों को एडॉप्ट करने और सघन मॉनिटरिंग की इस विशेष व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण व कस्बाई इलाकों के प्रतिभावान बच्चों को आधुनिक व उच्च स्तरीय शिक्षा का समान अवसर प्रदान करना है, जिससे उनका शैक्षणिक स्तर बेहतर हो सके।
इम्तियाज की रिपोर्ट