मुंगेर परिसदन में लोक लेखा समिति की बैठक: सभापति भाई वीरेंद्र ने विभागों के ब्यौरे में खामियों पर जताई नाराजगी, बाढ़ और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर बोला हमला

मुंगेर में लोक लेखा समिति की बैठक में समिति के सभापति भाई वीरेन्द्र ने राज्य में बाढ़ की स्थिति और आपदा प्रबंधन को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। कहा कि बाढ़ के कारण कई परिवारों के घर ध्वस्त हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद पीड़ितों को सहायता नही मिल.

मुंगेर परिसदन में लोक लेखा समिति की बैठक: सभापति भाई वीरेंद्
भाई वीरेन्द्र का सरकार पर बड़ा हमला- फोटो : इम्तियाज खान

Munger : बिहार विधानसभा की लोक लेखा समिति के सभापति एवं राजद विधायक भाई वीरेंद्र के नेतृत्व में मुंगेर परिसदन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के आय-व्यय (receipts and expenditure) के ब्यौरे की गहन समीक्षा की गई, जिसमें कई विभागों के रिकॉर्ड में गंभीर खामियां सामने आईं। सभापति ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी और महालेखाकार (AG) से इसकी जांच कराई जाएगी।


राशि के अभाव में रुके विकास कार्य और संवेदकों का भुगतान

समीक्षा बैठक के दौरान यह बात भी प्रमुखता से सामने आई कि वित्तीय राशि के अभाव में कई जगहों पर विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। भुगतान समय पर नहीं मिलने के कारण संवेदक (contractors) काम करने से कतरा रहे हैं, जिससे विकास योजनाओं की गति प्रभावित हो रही है। समिति ने इन प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया।


बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त मदद और आवास देने की मांग

राज्य में बाढ़ की स्थिति और आपदा प्रबंधन को लेकर भाई वीरेंद्र ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण कई परिवारों के घर ध्वस्त हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद पीड़ितों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित परिवारों को तत्काल आवास और मृतकों के आश्रितों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।


कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालजमुईमुंगेर और समस्तीपुर की घटनाओं का जिक्र

हालिया आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए भाई वीरेंद्र ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए। जमुई, मुंगेर और समस्तीपुर में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में बिहार में कोई भी सुरक्षित नहीं है और इन घटनाओं से साफ जाहिर होता है कि राज्य में 'कानून का राज' नहीं बचा है। उन्होंने सरकार से अपराध पर कड़ी सख्ती बरतने की मांग की है।


इम्तियाज की रिपोर्ट